तारा कोल ब्लॉक की नीलामी पर दीपक बैज का सवाल- भाजपा बताए, नीलामी की अनुशंसा क्यों की?
रायपुर, 14 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता में हसदेव अरण्य क्षेत्र के तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी केंद्र सरकार द्वारा की गई है और कांग्रेस के अनुसार नीलामी के लिए राज्य सरकार की ओर से भी अनुशंसा की गई थी।
11 दिसंबर 2025 के पत्र को लेकर भाजपा से सवाल
दीपक बैज ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के संबंध में केंद्रीय कोयला मंत्रालय को पत्र लिखा था। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि जब हसदेव अरण्य को लेकर पहले विधानसभा में प्रस्ताव पारित हो चुका था और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार नई खदानों के खिलाफ अपना पक्ष रख चुकी थी, तो तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए अनुशंसा क्यों की गई?
कांग्रेस सरकार के पुराने फैसलों का दिया हवाला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित नौ कोल ब्लॉकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था। इसके अलावा 26 जुलाई 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से हसदेव-अरण्य में किसी नए कोल ब्लॉक के आवंटन या नीलामी पर रोक की मांग से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया था।
उन्होंने आगे कहा कि 16 जुलाई 2023 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर हसदेव-अरण्य में किसी नई खदान के आवंटन या विकास की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी। बैज के अनुसार, इसके बाद 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉकों को नीलामी प्रक्रिया से डीनोटिफाई कर दिया था।
अडानी समूह से जुड़ी कंपनी को ब्लॉक मिलने का दावा
दीपक बैज ने कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी में यह ब्लॉक CG Syn-Gas and Chemicals Limited को मिला है। उन्होंने दावा किया कि यह कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहयोगी कंपनी मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे लेकर भी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
करीब 5 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला होने का दावा
बैज ने कहा कि तारा कोल ब्लॉक लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 4,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र घने जंगल का बताया गया है। उन्होंने दावा किया कि खनन गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का खतरा है। कांग्रेस नेता ने पर्यावरण और वन्यजीवों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई।
हाथियों के आवागमन पर असर की आशंका
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तारा कोल ब्लॉक क्षेत्र में खनन होने से लेमरू एलीफेंट रिजर्व के आसपास के वन क्षेत्र पर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि इससे हाथियों के आवागमन के मार्ग प्रभावित होंगे और अन्य वन्यजीव प्रजातियों के सामने भी खतरा बढ़ सकता है।
पर्यावरण स्वीकृति को लेकर भाजपा से मांगी गारंटी
दीपक बैज ने भाजपा के उस तर्क पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा जा रहा है कि अभी केवल कोल ब्लॉक की नीलामी हुई है और पर्यावरण स्वीकृति सहित अन्य अनुमतियां बाकी हैं। उन्होंने इसे जनता को भ्रमित करने वाला तर्क बताया।
उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि क्या राज्य सरकार यह गारंटी देगी कि तारा कोल माइंस के लिए पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया में राज्य सरकार सहमति नहीं देगी? क्या सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हसदेव अरण्य क्षेत्र में तारा कोल ब्लॉक से कोयला उत्खनन नहीं होने दिया जाएगा?
कांग्रेस ने भाजपा से मांगा जवाब
दीपक बैज ने कहा कि हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में शामिल है और इससे जुड़े फैसलों का प्रभाव पर्यावरण, वन्यजीव तथा स्थानीय क्षेत्रों पर पड़ सकता है। उन्होंने भाजपा सरकार से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए राज्य सरकार की भूमिका और 11 दिसंबर 2025 के पत्र को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क के लिए यह खबर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोपों और दिए गए बयानों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।













