राजीव भवन रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की तीखी पत्रकार वार्ता: बैगा बच्चों की दुखद मौत, 3,358 रुपये धान भुगतान और दिल्ली में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली को लेकर सरकार पर बोला हमला
बैगा जनजाति के 5 बच्चों की मौत और कुपोषण पर सरकार से जवाबदेही की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने कबीरधाम (कवर्धा) जिले के वनांचल क्षेत्रों में विशेष पिछड़ी जनजाति ‘बैगा’ के मासूम बच्चों की कुपोषण और समुचित इलाज के अभाव में हुई मौतों पर अत्यंत दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में विशेष रूप से संरक्षित प्रजाति के रूप में दर्जा प्राप्त बैगा जनजाति के परिवारों की सुध लेने वाला आज राज्य में कोई नहीं है ।
“राज्य सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद आज छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विशेष संरक्षित बैगा जनजाति के मासूम बच्चे कुपोषण और इलाज की कमी से दम तोड़ रहे हैं। 5 मासूम बच्चों की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है, यह सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन की आपराधिक लापरवाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।”
— श्री दीपक बैज, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, छत्तीसगढ़
दीपक बैज ने इस गंभीर मानवीय त्रासदी पर बिंदुवार प्रशासनिक व सरकारी कमियों को उजागर किया:
- स्वास्थ्य तंत्र की चरमराती व्यवस्था: ग्रामीण एवं वनांचल इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में डॉक्टरों व जीवनरक्षक दवाओं का भारी अभाव है। समय पर बुनियादी इलाज न मिलना ही बच्चों की मौतों का मुख्य कारण बना।
- कुपोषण उन्मूलन योजनाओं का ठप होना: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान एवं आंगनवाड़ी योजनाओं का लाभ बैगा बस्तियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। पोषण आहार वितरण प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
- आंकड़ों की बाजीगरी और लीपापोती: दीपक बैज ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन मौतों के वास्तविक कारणों को छिपाने और आंकड़ों में हेरफेर करने का प्रयास कर रहा है, जिसे कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
बैगा जनजाति मामले में कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांगें:
- कवर्धा में हुई बैगा बच्चों की मौत की रिटायर्ड जज या उच्चस्तरीय समिति से जांच कराई जाए।
- मृतक बच्चों के पीड़ित आश्रित परिवारों को कम से कम ₹20-20 लाख का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
- विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVGTs) के लिए सभी वनांचल गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और विशेष सुपोषण शिविर तत्काल शुरू किए जाएं।
- जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों और महिला-बाल विकास विभाग के स्थानीय प्रभारियों पर निलंबन व प्राथमिकी की कार्रवाई हो।
किसानों के साथ वादाखिलाफी: धान का ₹3,358 प्रति क्विंटल एकमुश्त भुगतान करने की पुरजोर मांग
पत्रकार वार्ता का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण बिंदु छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की आय और धान खरीदी से जुड़ा रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज ने राज्य की वर्तमान सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार आज किसानों को उनके हक का वाजिब दाम देने में आनाकानी कर रही है।
दीपक बैज ने स्पष्ट शब्दों में मांग रखी कि आगामी धान खरीदी सत्र में प्रदेश के प्रत्येक किसान को धान का ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त (Single Installment) भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किस्तों में भुगतान की नीति से किसानों को अपनी खेती की लागत निकालने, खाद-बीज का कर्ज चुकाने और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस के प्रमुख तर्क:
- लागत में बेतहाशा वृद्धि: बीते समय में डीजल, रासायनिक खाद (डीएपी, यूरिया), कीटनाशक दवाइयों और मजदूरी की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यदि किसानों को ₹3,358 का पूरा और एकमुश्त भुगतान नहीं मिला, तो खेती घाटे का सौदा बनकर रह जाएगी।
- किस्तों की व्यवस्था से किसान परेशान: पूर्व में किस्तों में मिलने वाली राशि से किसानों को बैंक और महाजनों के चक्कर काटने पड़ते हैं। एकमुश्त राशि मिलने से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बाजारों में तरलता आएगी।
- धान खरीदी केंद्रों में चाक-चौबंद व्यवस्था की मांग: बैज ने मांग की कि राज्य के सभी उपार्जन केंद्रों (मंडी/समितियों) में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, तराजू-बाट की सही जांच, किसानों के रुकने की व्यवस्था और टोकन प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को घंटों लाइन में न लगना पड़े।
“छत्तीसगढ़ का किसान देश का अन्नदाता है। यदि सरकार ने धान खरीदी के पहले ही दिन से ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर करने का स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर पूरे प्रदेश में ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक उग्र आंदोलन करेगी।”
— दीपक बैज
1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली की व्यापक तैयारियां
पत्रकार वार्ता के दौरान दीपक बैज ने आगामी 1 नवंबर को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली की तैयारियों की विस्तृत समीक्षात्मक जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लोकतांत्रिक संस्थाओं के अवमूल्यन, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठते सवालों, और आम जनता के मौलिक अधिकारों पर हो रहे कुठाराघात के खिलाफ यह महारैली आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़ से इस महारैली में ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज कराने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने व्यापक रूप से रोडमैप तैयार किया है।
छत्तीसगढ़ से महारैली में सहभागिता और रणनीतिक तैयारियां:
- हजारों कार्यकर्ताओं का दिल्ली कूच: छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों और 90 विधानसभा क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान, युवा और आम नागरिक ट्रेन, बसों और निजी वाहनों के माध्यम से 30 व 31 अक्टूबर को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
- संभाग व जिला स्तरीय प्रभारियों की नियुक्ति: महारैली के सफल आयोजन और छत्तीसगढ़ से जाने वाले कार्यकर्ताओं की व्यवस्था के लिए प्रदेश स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों को लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं।
- जनसंपर्क अभियान: ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में पर्चे बांटे जा रहे हैं और नुक्कड़ सभाओं के जरिए देश के लोकतंत्र को बचाने की अपील की जा रही है।
दीपक बैज ने कहा कि यह रैली केवल किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह भारत के प्रत्येक नागरिक के मत (वोट) के अधिकार की सुरक्षा और देश के संविधान को अक्षुण्ण बनाए रखने की एक राष्ट्रीय मुहिम है।
पत्रकार वार्ता में उपस्थित वरिष्ठ कांग्रेस नेतृत्व एवं पदाधिकारी
राजीव भवन, रायपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी के साथ मंच पर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अग्रिम संगठनों के प्रमुख विशेष रूप से उपस्थित रहे:
- मलकीत सिंह गैदू जी — प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री (प्रशासन व संगठन)
- सुशील आनंद शुक्ला जी — अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग
- विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्तागण, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में निष्ठावान कार्यकर्ता एवं मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
आज राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य और केंद्र दोनों ही सरकारों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आक्रामक रणनीति को स्पष्ट कर दिया है। एक ओर जहां कवर्धा के बैगा बच्चों की मौत और कुपोषण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने जा रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों के धान का ₹3,358 प्रति क्विंटल एकमुश्त भुगतान कराने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया है। साथ ही, 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी देश के राजनीतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ेगी ।














