Advertisement

भर्ती परीक्षाओं में घपला और पेपर लीक: यूपी से बिहार तक फैला फर्जीवाड़े का जाल, कांग्रेस का बड़ा हमला






भर्ती परीक्षाओं में घपला और पेपर लीक: उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक फैला है फर्जीवाड़े का जाल – कांग्रेस का बड़ा हमला


राष्ट्रीय राजनीति / विशेष रिपोर्ट

भर्ती परीक्षाओं में घपला और पेपर लीक: उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक फैला है फर्जीवाड़े का जाल – कांग्रेस का बड़ा हमला

प्रकाशन तिथि: अक्टूबर 2026
विशेष संवाददाता डेस्क | प्रदेश खबर

देशभर के युवाओं का भविष्य किस प्रकार संगठित गिरोहों और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त माफियाओं के हाथों दांव पर लगा हुआ है, इसका एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के मंच और वरिष्ठ नेताओं द्वारा साझा किए गए तथ्यों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक परीक्षा माफियाओं और दागी कंपनियों का एक ऐसा नापाक सिंडिकेट सक्रिय है, जो लगातार युवाओं की मेहनत और सपनों पर पानी फेर रहा है।

मुख्य बिंदु: कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में एक सार्वजनिक मंच से सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं द्वारा भर्ती परीक्षाओं में धांधली खुलेआम कराने की बात कही जा रही है, वहीं ब्लैकलिस्टेड और नाम बदलकर फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों को बड़े पैमाने पर ठेके बांटे जा रहे हैं।

सार्वजनिक मंच से खुलेआम भर्ती में खेल कराने का ऐलान

कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए गए इस गंभीर मुद्दे के केंद्र में उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण का सवाल खड़ा हो गया है। पार्टी के आधिकारिक हैंडल और वरिष्ठ नेताओं के बयानों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री का सार्वजनिक मंच से दिया गया वह बयान बेहद शर्मनाक और आंखें खोलने वाला है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर यहां तक कह डाला कि “जिसे भी भर्ती परीक्षा में खेल कराना है, वो अमुक व्यक्ति से संपर्क करे।”

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)

राजनीतिक गलियारों और विपक्षी खेमे में इस बयान को इस बात के पुख्ता सबूत के रूप में देखा जा रहा है कि किस प्रकार सरकारी तंत्र के भीतर बैठे लोग ही भ्रष्टाचार और परीक्षा माफियाओं को खुला संरक्षण दे रहे हैं। जब सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोग ही योग्यता और पारदर्शिता का मखौल उड़ाते हुए खुलेआम ‘खेल’ कराने की बात करेंगे, तो प्रदेश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं का भविष्य सुरक्षित कैसे रह सकता है?

एजुटेस्ट (Edutest) कंपनी और विनीत आर्या की कारगुजारियां

इस पूरे घोटाले की फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम ‘एजुटेस्ट’ (Edutest) नामक कंपनी का सामने आया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा सामने रखे गए तथ्यों के अनुसार:

  • यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का ठेका: अत्यधिक संवेदनशील और लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का संचालन करने का ठेका इसी विवादित कंपनी ‘एजुटेस्ट’ को सौंपा गया था।
  • मालिक का विदेश भागना: इस कंपनी के मुख्य संचालक और मालिक विनीत आर्या पर परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और घपला करने के गंभीर आरोप लगे। जब घपले की परतें खुलने लगीं और जांच का शिकंजा कसा, तो विनीत आर्या देश छोड़कर विदेश फरार हो गया।
  • प्रशासनिक लापरवाही: आखिर इतने बड़े पैमाने पर दागी और संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले संचालकों को राज्य की सबसे बड़ी सुरक्षा बलों की भर्ती प्रक्रिया का ठेका किसने और किसके इशारे पर दिया? यह आज भी एक बड़ा अनुत्तरित सवाल बना हुआ है।

बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक: ‘कॉन्फिसैक’ (Confisec) से ‘एजुटेस्ट’ तक का फर्जीवाड़ा

इस पूरे घोटाले की जड़ें सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका दायरा अंतर-राज्यीय और एक सुनियोजित संगठित अपराध की तरह है। खुलासे के अनुसार, यह वही कंपनी है जिसने इससे पहले पड़ोसी राज्य बिहार में प्रतिष्ठित **BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग)** की परीक्षाओं का ठेका भी हासिल किया था और गड़बड़ियों को अंजाम दिया था।

“हैरानी की बात यह है कि जब इस कंपनी का पुराना स्वरूप ‘Confisec’ नाम से बिहार में सक्रिय था और वहां हुए घोटालों व पेपर लीक मामलों में जब यह कंपनी पकड़ी गई, तो इसने बचने के लिए अपना नाम बदलकर ‘Edutest’ रख लिया और फिर बेखौफ होकर उत्तर प्रदेश में भी परीक्षाओं का ठेका हासिल कर लिया।”

यह इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार कागजों पर नाम बदलकर, ब्लैकलिस्टेड और दागदार कंपनियों को नए सिरे से सरकारी ठेके हासिल हो जाते हैं। क्या उत्तर प्रदेश या बिहार के भर्ती बोर्डों ने टेंडर देने से पहले इस कंपनी के पिछले इतिहास और ‘Confisec’ के रूप में इसके काले कारनामों की बुनियादी जांच-पड़ताल करना भी जरूरी नहीं समझा? या फिर यह सब कुछ आंखें मूंदकर किसी गहरी मिलीभगत के तहत किया गया?

कांग्रेस नेता अभय दुबे का तीखा हमला और राष्ट्रीय विरोध

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता अभय दुबे ने इस पूरे प्रकरण पर तीखा प्रहार करते हुए इसे देश के युवाओं के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने दिल्ली से लेकर विभिन्न मंचों पर इस बात जोर दिया कि किस तरह सोची-समझी रणनीति के तहत सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं को एक धंधा बना दिया गया है।

अभय दुबे और कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि:

  • देश के करोड़ों युवा दिन-रात लाइब्रेरी में, कमरों में और मैदानों में अपनी जवानी खपाकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
  • दूसरी ओर, सत्ता संरक्षित कुछ सिंडिकेट और फर्जी कंपनियां पैसों के बल पर उन सीटों को पहले ही बेच डालते हैं।
  • यह सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के मानवीय अधिकारों और उनके सुनहरे भविष्य का कत्ल है।

उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से लेकर बिहार की BPSC परीक्षाओं तक, ‘Confisec’ से ‘Edutest’ और राजनीतिक मंचों से खुलेआम ‘खेल’ कराने के दावों ने यह साबित कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। जब तक इस सिंडिकेट के शीर्ष पर बैठे राजनीतिक आकाओं, भ्रष्ट अधिकारियों और भागे हुए दलालों के खिलाफ कठोर मिसाली कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पेपर लीक और भर्ती घोटालों का यह नासूर खत्म नहीं हो सकता।

कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस अत्यंत गंभीर और राष्ट्रव्यापी मुद्दे के खिलाफ अब चुप नहीं बैठा जा सकता। इसके खिलाफ जोरदार तरीके से आवाज उठानी होगी और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज को और अधिक बुलंद करना होगा, ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी या नेता हमारे देश के नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।

Author Profile

विशेष राजनीतिक समाचार डेस्क

देश और राज्यों की राजनीतिक हलचल, प्रशासनिक गड़बड़ियों और जनहित के मुद्दों पर आधारित गहन विश्लेषण एवं तथ्यात्मक रिपोर्टिंग।


Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57