कलम की सुगंध ने काव्य सम्मेलन कर मनाया आजादी का अमृत महोत्सव

कलम की सुगंध ने काव्य सम्मेलन कर मनाया आजादी का अमृत महोत्सव

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प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  कलम की सुगंध छंद शाला के तत्वावधान में आजादी का अमृत महोत्सव के शुभ अवसर पर पर वीडियो प्रतियोगिता आयोजित प्रातः दस से शाम चार बजे तक किया गया थाl जिसमे मंच के संस्थापक -संजय कौशिक ‘विज्ञात’, कार्यक्रम संयोजक एवं मंच संचालिका -अनिता मंदिलवार ‘सपना’, मीडिया प्रभारी – नीतू ठाकुर ‘विदुषी, सह मीडिया प्रभारी – कैलाश प्रजापति, सहसंयोजक – राधा तिवारी राधेगोपाल, संचालक – अर्चना पाठक निरन्तर, राजलक्ष्मी पांडेय, चमेली कुर्रे ‘सुवासिता’, पूजा शर्मा सुगंध की, कार्यक्रम के अध्यक्षता – बाबूलाल शर्मा ‘विज्ञ’ ने किया इस उत्सव को महोत्सव के रूप में मनाने के लिए देश और विदेश के कोने -कोने से अनेको प्रतिभागियों ने अपने सहभागिता निभाई जिसमे – संस्थापक संजय कौशिक विज्ञात हरियाणा से झण्डे के सम्मान में नवगीत का वाचन किया। पंक्तियाँ देखिए-  ” जो गगन को चूमता है, ध्वज तिरंगा वो हमारा l फिर अमर कहता कथाएँ, गीत झण्डा गर्व प्यारा।।”

मंच संचालिका अनिता मंदिलवार सपना अंबिकापुर छत्तीसगढ़ ने ये गीत पढ़ी – ”आजादी का अमृत महोत्सव, हम सभी मिलकर मनाएँl आजादी के परवानों का,  आओ वीर गाथा हम गाएँll” कार्यक्रम संचालिका चमेली कुर्रॆ सुवासिता जगदलपुर ने कुछ इस तरह अपनी बात कही- ”गीदड़ मौत मरे दुश्मन सब, शेर दहाडा बतलाना। चीर शत्रु की छाती को तुम, ध्वजा तिरंगा लहराना।।”  सौरभ प्रभात- मुजफ्फरपुर बिहार से अमर शहीदों की यादों को मिलता निशदिन यूँ सम्मान प्रस्तुत किया,  डा इन्दिरा गुप्ता यथार्थ ने लेख की कलम धार हो या तीखी तीक्ष्ण कटारी हो गा कर वाह वाही बटोरी, पुनीराम चन्द्रा ‘पूनम’ जिला जांजगीरचापा से – मुझे एक ऐसे वरदान चाहिए। विश्व विजेता हिन्दुस्तान चाहिए गीत गा कर सभी के दिल जीत लिया।

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वही गजेन्द्र सहरिहरनो ‘दीप’ राजनादगाँव से दोहा मुक्तक के गा कर अत्यंत ताली अपने नाम किए। और इन्द्राणी साहू साँची ने अपनी मनमोहक मधुर आवाज़ में गजल गा कर मन मोह ली, अर्चना पाठक निरंतर अम्बिकापुर से कोकिला आवाज़ में दोहा प्रस्तुत की। राधा तिवारी “राधेगोपाल” ने मधुर आवाज़ में देश भक्ति गीत प्रस्तुत की इसी क्रम में आरती मेहर, गुलशन कुमार साहसी, जयश्रीकांत, केवरा यदु “मीरा “राजिम, हेमलता राजेंद्र शर्मा मध्य प्रदेश से, अलका जैन आनंदी मुंबई से डॉ. दीक्षा चौबे दुर्ग छत्तीसगढ़ से , तेरस कैवर्त्य “आँसू”,डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर” , छत्तीसगढ़ से, निभा राय “नवीन” पूर्णियाँ, बिहार ,कमल किशोर “कमल” हमीरपुर बुंदेलखंड से ,सुजाता प्रिय ‘सम‌द्धि’, रांची, झारखंड से ,रीना गुप्ता श्रुति, जमशेदपुर, गीतांजलि, कैलिफ़ोर्निया यू एस ए से, आशा भारद्वाज सहित सभी साहित्यकारों ने गीत, गजल दोहा, मुक्तक आदि प्रस्तुत कर के कार्यक्रम को बेहद सुन्दर बनाया ।

कार्यक्रम अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा विज्ञ ने अध्यक्षीय उदबोधन में सबकी प्रस्तुतियों की सराहना की । मंच संचालिका अनिता मंदिलवार सपना ने सभी का आभार वयक्त किया । अंत में संस्थापक संजय कौशिक विज्ञात गुरुदेव जी के कर कमलों से सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र प्रदान कर के सम्मानित किया साथ ही सबको स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ प्रदान की ।

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