जैविक खेती का बढ़ावा देने वर्मी खाद को अपना रहे किसान

जैविक खेती का बढ़ावा देने वर्मी खाद को अपना रहे किसान

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  सरगुजा जिले में महिला समूहों द्वारा गौठानों में वर्मी कंपोस्ट का निर्माण किया जा रहा है। जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसान अपने खेतों में वर्मी खाद का उपयोग कर रहें है जिससे भूमि की उर्वरा को बनाये रखने एव पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। गौठानों में निर्मित वर्मी कंपोस्ट को गौठान प्रबंधन समिति द्वारा सहकारी समितियों में भण्डारित किया गया है। यहां से किसान अपनी जरूरत के अनुसार वर्मी खाद क्रय कर रहें है।

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कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को वर्मी खाद के फायदे बताकर किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहें है जिससे किसान स्वेच्छा से वर्मी खाद खरीद रहे हैं। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने बताया है कि जिले की किसानों को वर्मीकम्पोस्ट खरीदने के लिए किसानों पर किसी प्रकार की दबाव या अनिवार्यता नहीं रखी गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के समझाईश एवं प्रोत्साहन से किसान स्व प्रेरित होकर वर्मीकम्पोस्ट समितियों से क्रय कर रहे हैं।

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उल्लेखनीय है कि रासायनिक उर्वरक के अंधा-धुंध उपयोग से कृषि भूमि की उर्वरक क्षमता कम होकर बंजर बन रहे हैं। वर्मी खाद के प्रयोग से बंजर हो रहे खेत की भूमि भी ठीक होने से किसान रबी एवं खरीफ दोनों फसल लेने में सक्षम हो रहे है। पहले किसान अपने खेतों में परंपरागत गोबर खाद का उपयोग करते थे परंतु वर्मी कंपोस्ट खाद मिल जाने से किसान बिना किसी डर-भय के अपने खेतों में अपने ही ग्राम गौठान में बने खाद को स्वेच्छा से खरीद रहे है। जिले में किसानों के हितार्थ वर्मी कंपोस्ट के उपयोग हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। विगत वर्ष जिन किसानों ने वर्मी कंपोस्ट खाद का उपयोग किया था उनके खेतो में पैदावार अच्छा होने से सरगुजा जिले के किसान खुशहाल है।