पाकिस्तानः टीएलपी का लॉन्ग मार्च- क्या अपने ही जाल में फंस गए इमरान ख़ान?

पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख अहमद रशीद ने कहा है कि यदि तहरीक-ए-लब्बैक सरकार से किया अपना वादा नहीं निभाएगी तो हालात काबू से बाहर हो सकते हैं.
प्रतिबंधित धार्मिक सियासी पार्टी टीएलपी लाहौर से इस्लामाबाद मार्च पर अडिग है.
विश्लेषकों का मानना है कि टीएलपी का ये मार्च प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार और पाकिस्तान की सेना के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.
सरकार ने टीएलपी के लॉन्ग मार्च को देशविरोधी साज़िश क़रार दिया है और मार्च को रोकने के लिए रेंजर्स तैनात करने का फ़ैसला लिया है.
इसी बीच प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को टीएलपी के मार्च से पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक भी बुलाई है. इसी बीच टीएलपी के मार्च ने गुरुवार को गुजरांवाला को पार कर लिया.











