छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यरायपुर

रायपुर : राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 4.41 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त

रायपुर : राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 4.41 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

रायपुर, 29 नवम्बर 2021छत्तीसगढ़ में ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों को सहायता पहूंचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेेेल ने राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना प्रारंभ की है। योजना का क्रियान्वयन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत 1 सितम्बर से 30 नवम्बर तक राज्य के सभी जिलों में ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन प्राप्त किए गए हैं। अब तक 4 लाख 41 हजार 658 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्राप्त आवेदनों के पंजीयन का कार्य जनपद स्तर पर किया जा रहा है। आवेदनों का परीक्षण क्षेत्र के तहसीलदारों द्वारा किया जा रहा है। 30 नवम्बर को आवेदन करने की अंतिम तारीख है। अतः हितग्राहियों से अनुराध किया गया है कि योजना का फायदा लेने के लिए अपने गांव की ग्राम पंचायत में आवेदन प्रस्तुत कर दें।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर योजना का प्रमुख उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमिहीन परिवारों को पहचान कर उन्हें वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान सहायता उपलब्ध कराना है। पात्र हितग्राहियों को सालाना 6 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जो हितग्राही के खाते में सीधे जमा करायी जाएगी। इस आर्थिक सहायता से हितग्राही की आमदनी बढ़ेगी और वह अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के ऐसे मूल निवासियों को मिलेगा, जिन परिवारों के पास कृषि भूमि नहीं है, ऐसे परिवारों में चरवाहा, बढई, लोहार, मोची, नाई, धोबी और पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, जिनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है।

योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर ग्राम सभा में दावा आपत्ति प्राप्त करने हेतु रखा जाएगा। दावा आपत्ति के निराकरण के बाद पात्र हितग्राहियों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। राज्य शासन द्वारा पात्र हितग्राहियों को 6 हजार रूपए सालाना भुगतान किया जाएगा।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!