
Delhi-NCR AQI 551 के पार: दिवाली के बाद दिल्ली बनी ‘गैस चैंबर’, नरेला टॉप पर
दिवाली के बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर, AQI 531 (औसत) और नरेला में 551 दर्ज। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जमकर फोड़े गए पटाखे। नोएडा, गाजियाबाद में भी 'गंभीर' श्रेणी की हवा। सांस की तकलीफ और धुंध पर तत्काल अलर्ट।
दिवाली के बाद दिल्ली-NCR ‘गैस चैंबर’ बना: AQI 550 के पार, धुंध की मोटी चादर से सांस लेना मुश्किल
नई दिल्ली: दीपावली पर्व के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिवाली की शाम जमकर पटाखे फोड़े जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो गया है। आज, मंगलवार सुबह से ही दिल्ली में धुंध की मोटी चादर दिख रही है और हवा की गुणवत्ता (AQI) डरावनी स्थिति में है।
प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में
सोमवार को दिवाली की शाम, दिल्ली के 38 निगरानी स्टेशनों में से 34 पर प्रदूषण का स्तर ‘रेड जोन’ (बहुत खराब से गंभीर) में दर्ज किया गया था। आज, मंगलवार सुबह, स्थिति और बिगड़ गई है:
- ओवरऑल दिल्ली का औसत AQI: 531 (जो कि राष्ट्रीय औसत से 1.8 गुना ज्यादा है)।
- सबसे अधिक प्रदूषण: दिल्ली के नरेला इलाके में AQI 551 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया है।
- अन्य गंभीर क्षेत्र: अशोक विहार में वायु गुणवत्ता 493 रही।
(नोट: AQI 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 से ऊपर ‘अति-गंभीर’ माना जाता है।)
लोगों को हो रही भारी परेशानी
जहरीली धुंध और दमघोंटू हवा के कारण लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों को सांस लेने में भी गंभीर कठिनाई हो रही है, और कई इलाकों में लोगों की आंखों में जलन की शिकायतें बढ़ गई हैं। प्रदूषण के कारण दृश्यता भी कम हो गई है।
मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था कि मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाने की आशंका है, जो अब सच साबित हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में केवल हरित पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल की अनुमति दी थी। इसके तहत दिवाली की शाम केवल रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति थी। हालांकि, दिवाली की शाम जिस पैमाने पर पटाखे फोड़े गए, उससे साफ है कि कोर्ट के आदेशों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता कितनी तेज़ी से गिरी है, यह डेटा दर्शाता है। सरकार और प्रशासन को इस बिगड़ते हालात पर तत्काल और कठोर ध्यान देने की ज़रूरत है।
(Disclaimer: AQI श्रेणी: 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।)












