कोविड से माता-पिता को खो चुके 17 बच्चों को कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लिया गोद

रायगढ़ : कोविड से माता-पिता को खो चुके 17 बच्चों को कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लिया गोद

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कलेक्टर भीम सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने लिया एक-एक बच्चे को गोद, देंगे आर्थिक सहयोग
बच्चों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये भी

कलेक्टर भीम सिंह की पहल पर जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील पहल की है। रायगढ़ जिले के 17 ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड से हो गयी, उनके देख रेख में सहयोग प्रदान करने के लिए कलेक्टर श्री भीम सिंह के साथ सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल व अन्य जिला अधिकारियों ने गोद लिया है। वे इन बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रतिवर्ष 10 हजार का आर्थिक सहयोग देंगे। साथ ही बच्चों के देख रेख, इलाज व अन्य आवश्यकताओं में भी मदद करेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने इसके साथ ही इन बच्चों को रेडक्रॉस की ओर से 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की। जिससे उनके परिजनों और रिश्तेदारों को बच्चों के पालन-पोषण में सहायता मिले। कलेक्टर सिंह व अन्य अधिकारियों ने आज इन बच्चों से सृजन सभा कक्ष में मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम पूछा

बच्चों को बुनियादी भाषा और गणित सिखाना : स्कूल रेडीनेस पर पांच दिवसीय कार्यशाला।

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कलेक्टर सिंह ने सभी बच्चों एवं उनके परिजनों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया यह अत्यंत दुखद है और इसकी भरपायी कर पाना इस जीवन काल में मुश्किल है। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों को पीएम केयर्स योजना से 23 साल के उम्र में उन्हें 10-10 लाख रुपये मिलेगा। साथ ही राज्य शासन के निर्देशानुसार कोविड से मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये अनुग्रह सहायता अनुदान राशि दी जा रही है एवं महतारी दुलार योजना के तहत कक्षा 12 वीं तक उन्हें उनकी पढ़ाई-लिखाई के लिए स्कूल में किसी भी तरह की फीस नहीं देना पड़ेगा एवं किताबें व ड्रेस भी मुहैय्या कराया जाएगा। साथ ही उन्हें अब एक-एक लाख रुपये रेडक्रास के माध्यम से दिया जाएगा। इसी के साथ रायगढ़ जिले के अधिकारी उनमें से एक-एक बच्चे को गोद भी लेंगे और 10 हजार रुपये की राशि का सहयोग बच्चों को देंगे। साथ ही अधिकारी उन बच्चों के लगातार संपर्क में रहेंगे एवं उनके इलाज व अन्य बुनियादी सुविधाओं व देखभाल में भी बच्चों की मदद करेंगे। इस दौरान उन्होंने खाद्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी बच्चों का राशन कार्ड में नाम जोड़े एवं उन्हें प्राथमिकता से प्रतिमाह राशन दिलाए। कलेक्टर श्री सिंह ने बच्चों से रूबरू होते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में उनसे जानकारी ली। कुछ बच्चों ने बताया कि उनके स्कूल फीस माफ नहीं हो पायी है, जिसकी वजह से उनको पढ़ाई में दिक्कते जा रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने इस बात पर तुरंत कार्यवाही करते हुए शिक्षा विभाग को उनके स्कूल में फीस माफ कराने एवं उनके लिए स्कूल ड्रेस सहित कापी-पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ.रवि मित्तल, जिला खाद्य अधिकारी श्री जी.पी.राठिया, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री टी.के.जाटवर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बच्चों को बुनियादी भाषा और गणित सिखाना : स्कूल रेडीनेस पर पांच दिवसीय कार्यशाला।