सरगुजा के गौठानो से निकलने वाला ह्यूमिक एसिड सुधारेगा मिट्टी की गुणवत्ता, सरगुज़ा प्रदेश का पहला जिला जहां के गोठान में बन रहा ह्यूमिक एसिड, प्रभारी मंत्री डॉ शिव डहरिया ने किया लांच ।

सरगुजा के गौठानो से निकलने वाला ह्यूमिक एसिड सुधारेगा मिट्टी की गुणवत्ता, सरगुज़ा प्रदेश का पहला जिला जहां के गोठान में बन रहा ह्यूमिक एसिड, प्रभारी मंत्री डॉ शिव डहरिया ने किया लांच

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सरगुजा में छत्तीसगढ़ का एक ऐसा भी गौठान हैं जहाँ जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ह्यूमिक एसिड का निर्माण करवा रहा है, ह्यूमिक एसिड के निर्माण के बाद इसे बेहद आकर्षक बोतलों में पैक कर बिक्री के लिये तैयार किया गया है, मैनपाट महोत्सव के समापन समारोह में पधारे प्रभारी मंत्री शिव कुमार डहरिया ने मैनपाट में ही ह्यूमिक एसिड की बोतलों का लॉन्चिंग किया

सरगुजा लगातार गौठनो में काम करने वाली स्व सहायता समूहों के महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन हेतु नित नए लाभकारी प्रयोग करते आ रही है, जिससे न केवल गौठानो में एक्टिविटी बढ़ी है साथ ही साथ महिला स्व सहायता समूहों के रोजगार के नए दरवाजे खुले है।
इसी कड़ी में अब एक नया नाम जुड़ा है *गोबर से ह्यूमिक एसिड का निर्माण।*

आखिर क्या है ह्यूमिक एसिड?

ह्यूमिक एसिड मिट्टी में सॉइल कंडीशनर और ग्रोथ स्टीमुलेटर का काम करती है, इसके उपयोग से फसलों के उत्पादन में 4 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि पाई गई है।

आखिर कैसे बनता है ह्यूमिक एसिड?

गौठान में गांवो के पशुपालकों द्वारा लाए गए गोबर को पहले 25 से 30 दिन तक सुखाया जाता है, फिर इस सूखे गोबर को पहले से तैयार पानी की टंकी में 3 दिन तक पानी मिलाकर पंप की मदद से रोटेट किया जाता है, चौथे दिन पानी मिले गोबर के घोल को कॉउडंग डी-वाटरिंग एंड ड्राई सेप्रेटर मशीन में डाला जाता है, जहा रा ह्यूमिक एसिड और सूखा गोबर अलग हो जाता है, रा ह्यूमिक एसिड को 2 दिन विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजार कर अलग कर लिया जाता है।

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समूहों को किया गया है प्रशिक्षित-

ह्यूमिक एसिड निर्माण के लिए अंबिकापुर विकासखंड के आदर्श गौठान का चयन रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) के अंतर्गत किया गया है, ह्यूमिक एसिड के निर्माण के लिए प्रेम महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों को उद्यान विभाग द्वारा संचालित बायोटेक लैब में तकनीकी अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।

छत्तीसगढ़ के किसानों की समस्या का हुआ निपटारा

ह्यूमिक एसिड न केवल सरगुजा संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए वरदान होगा, पहले ह्यूमिक एसिड के लिए छत्तीसगढ़ के किसान बाहर की कंपनी पर निर्भर रहते थे,किसानों की इस समस्या का हल अब छत्तीसगढ़ राज्य के महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा,गुरवा,बाड़ी ने निकाल दिया है।

किसान कैसे करे इसका उपयोग

एक एकड़ खेत के भूमि सुधार हेतु 1 लीटर ह्यूमिक एसिड की आवश्यकता किसानों को होगी। ह्यूमिक एसिड का छिड़काव सभी प्रकार के कृषि, उद्यानिकी और वानिकी फसलों में फल-फूल आने के पहले करना होगा, ह्यूमिक एसिड का उपयोग फसलों के बीजोंउपचार और फफूंदजनित रोगों के उपचार में भी लाभदायक होगा।

खेतो को होगा दीर्घकालिक लाभ

ह्यूमिक एसिड पूर्णतः जैविक तरल खाद है, इसके प्रयोग से मिट्टी भुरभुरी होती है, फसलों के जड़ों का विकास होता है, मिट्टी में जल धारण क्षमता का विकास होता है, मिट्टी में उपलब्ध अघुलनशील पोषक तत्व को घुलनशील बनाकर पौधो को उपलब्ध कराता है, पौधो में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को तेज करता है और पौधो में सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता को बढ़ाता है।