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प्राचीनतम् एवं कारगर चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत

रायपुर : प्राचीनतम् एवं कारगर चिकित्सा पद्धति है आयुर्वेद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत

छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मलेन के अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मलेन के अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा सर्वाधिक प्राचीनतम् चिकित्सा विद्या है, जो हमारे लिए अत्यंत उपयोगी एवं कारगर है। डॉ. महंत ने सम्मलेन में राज्यभर से आए आयुष चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे आमजनों तक आयुष चिकित्सा पद्धति को सजगता से पहुंचाए। कोरोना संक्रमण काल में लोगों ने आयुर्वेद चिकित्सा को बेहतर ढंग से जाना एवं उपयोग किया। छत्तीसगढ़ राज्य में औषधीय पौधो का भंडार है, ऐसा कोई पौधा नहीं है, जिसका उपयोग औषधि में न होता है, सिर्फ शोध की आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मलेन के अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि आयुर्वेद के प्रति लोगो का रुझान एवं विश्वास बढ़ा है। आयुष चिकित्सकों को भी उनके विश्वास पर खरा उतरना होगा। यदि आयुर्वेद के अनुसार जीवन शैली अपनाया जाये तो लोगो का स्वास्थ हमेशा अच्छा रहेगा। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद अधिकारी संघ के अधिकांश मांग पूरा हो गए है।

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छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मलेन के अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान धन्वन्तरि की छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रान्ताध्यक्ष डॉ. परस शर्मा ने संघ के गतिविधियों की जानकारी देते हुए एक सूत्रीय मांग पत्र संविदा आयुष चिकित्सकों को नियमित करने हेतु मुख्य अतिथी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष को सौंपा। कार्यक्रम में पूर्व प्रान्ताध्यक्ष डॉ. प्रदीप शुक्ला ने भी उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर शासकीय सेवा एवं संघ से सेवानिवृत्त होने पर डॉ. कुमार अडवानी, डॉ. परस शर्मा, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. घनश्याम दुबे, डॉ. सुधाकर बिबे, डॉ. राम सनेही दुबे का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि डॉ महंत एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ प्रेमसाय सिंह, डॉ सुनीलदास संयुक्त संचालक आयुष, डॉ संजय शुक्ला रजिस्ट्रार आयुर्वेद बोर्ड का साल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ पतंजलि दीवान एवं आभार प्रदर्शन डॉ विश्वास परिब्राजक ने किया।
डॉ पतंजलि दीवान प्रान्ताध्यक्ष बने
सम्मलेन के द्वितीय सत्र में केन्द्रीय चुनाव पर्यवेक्षक डॉ अश्वनी शर्मा की उपस्थिति में नवीन प्रान्तीय कार्यकारिणी का निर्वाचन निर्विरोध सम्पन्न हुआ। जिसमें डॉ पतंजलि दीवान प्रान्ताध्यक्ष, डॉ प्रशांत कश्यप, डॉ लक्ष्मण भारती उप प्रान्ताध्यक्ष, डॉ बी.आर.नायक, डॉ रजनीश जायसवाल, डॉ बेदराम पटेल, डॉ कोमल सिंह, डोटे महामंत्री, डॉ अनिल कालमेघ कोषाध्यक्ष, डॉ गदाधर पंडा, डॉ मकसूदन साहू, डॉ कमल सिदार, डॉ राजकुमार यादव, कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित हुए।

दस दिवसीय ‘आकार’ पारंपरिक शिल्पकला प्रशिक्षण शिविर का समापन

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