बिलासपुर : विशेष लेख : मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना: जरूरतमंदों के घरों तक पहुंचा अस्पताल

बिलासपुर : विशेष लेख : मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना: जरूरतमंदों के घरों तक पहुंचा अस्पताल

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

जिले में अब तक 1 लाख 35 हजार से अधिक लोगों को मिली निःशुल्क इलाज की सुविधा

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राज्य शासन द्वारा स्लम क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू की गई शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के तहत मोबाईल मेडिकल यूनिट शहर के विभिन्न स्लम क्षेत्रों में जाकर त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है, जिसमें डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नर्स की टीम मौजूद है। झुग्गी बस्तियों में रहने वाले नागरिकों को निःशुल्क परामर्श, इलाज, दवाईयां एवं पैथालॉजी लैब की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत जिले में 1579 शिविरों के माध्यम से 1 लाख 35 हजार 924 मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है। 13 हजार 813 मरीजों का टेस्ट किया गया और 1 लाख 31 हजार 214 मरीजों को निःशुल्क दवाई का वितरण किया गया है।
इस योजना के धरातल पर उतरने से स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के माथे से चिंता की एक बड़ी लकीर मिट गई है। पहले लोगों को अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। पैसे के अभाव में इन्हें अच्छा इलाज भी नहीं मिल पाता था पर अब परिस्थितियां बदल गई है। इस योजना से शहरों के स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज मिल ही रहा है साथ में निःशुल्क लैब, टेस्ट की सुविधा एवं दवाई भी मिल रही है। महिलाओं के लिए विशेष तौर पर दाई दीदी क्लिनिक की शुरूआत भी की गई है जिसमें बिलासपुर शहर में अब तक 379 कैम्प के जरिए 32 हजार 220 महिलाओं का इलाज किया गया है।
मोबाईल मेडिकल यूनिट में गंभीर बीमारियों को छोड़कर सभी प्रकार की सामान्य बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसमें लैब की सुविधा भी उपलब्ध है। जिसमें आवश्यकतानुसार ब्लड, यूरीन जांच, सीबीसी, मलेरिया जैसे रोगों का निःशुल्क जांच की जाती है। यूनिट में इसीजी, ब्लड प्रेशर, प्लस ऑक्सीमीटर जैसे स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित एक बड़े वर्ग को उनके घरों तक स्वास्थ्य सुविधा मिलने से उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई है।