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कोरिया : ’कलेक्टर शर्मा ने पहाड़हंसवाही और बिछियाटोला में आयोजित समाधान तुंहर दुआर शिविर का किया निरीक्षण’

कोरिया : ’कलेक्टर श्री शर्मा ने पहाड़हंसवाही और बिछियाटोला में आयोजित समाधान तुंहर दुआर शिविर का किया निरीक्षण’

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कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बुधवार को केल्हारी के ग्राम पंचायत पहाड़हंसवाही और बिछियाटोला में आयोजित समाधान तुंहर दुआर शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने शिविर में कहा कि पंचायत स्तर पर शिविर के आयोजन का उद्देश्य है कि ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं का पंचायत स्तर पर ही निराकरण हो जिससे उनके समय की बचत हो और ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय तक ना जाना पड़े। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों के समाधान ब्लॉक या जिला मुख्यालय स्तर पर होना है, उनकी समाधान की कार्यवाही आवेदन प्राप्त होने के बाद से ही शुरू कर दें। इस दौरान जनपद के प्रतिनिधि, सीईओ जिला पंचायत श्री कुणाल दुदावत, एसडीएम केल्हारी एवं प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पहाड़हंसवाही के आश्रित ग्राम शिवपुर में शुरू होगी पीडीएस दुकान, ग्रामीणों की मांग संज्ञान में आते ही कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को दिए निर्देश
ग्राम पंचायत पहाड़हंसवाही के आश्रित ग्राम शिवपुर के लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन लेने के लिए पंचायत आना पड़ता है जिसमें लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। समाधान तुंहर दुआर शिविर में कलेक्टर के समक्ष लोगों ने ग्राम शिवपुर में ही पीडीएस दुकान शुरू कराने की की मांग रखी। जिसे संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर शर्मा ने तुरंत खाद्य अधिकारी से बात कर समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।
बिछियाटोला शिविर में मिले किसान ने कलेक्टर से साझा किया वर्मी खाद से बेहतर फसल उत्पादन का अनुभव
ग्राम पंचायत बिछियाटोला में आयोजित समाधान तुंहर दुआर में कलेक्टर ने ग्रामीणों से राजस्व प्रकरणों के निराकरण की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने गांव में स्कूलों के संचालन, आंगनबाड़ी में पोषण आहार, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, विद्युत, पेयजल की उपलब्धता आदि पर चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर ने गौठानों के संचालन और वर्मी खाद के उपयोग के बारे में भी ग्रामीणों से बात की। इस पर बिछियाटोला निवासी रघुनाथ तिवारी ने बताया कि उन्होंने धान की फसल में वर्मी खाद का उपयोग किया। उन्होंने 30 बोरी वर्मी खाद नजदीकी आदिम जाति सहकारी समिति से खरीदी थी जिसे फसल में उपयोग किया। उन्होंने कहा कि वर्मी खाद के उपयोग से इस बार उन्हें बेहतर फसल मिली और धान में फूटा पड़ने जैसी समस्या से भी राहत मिली। कलेक्टर ने उनके अनुभव को सराहा और जैविक कृषि के प्रति अन्य किसानों को भी प्रेरित किया।

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