बाल विवाह होने के पूर्व दो बलिकाओ का बाल विवाह रोकवाया गया

बेमेतरा : बाल विवाह होने के पूर्व दो बलिकाओ का बाल विवाह रोकवाया गया

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

जिले में दो बाल विवाह रोकवाया गया। जिसमें विकासखण्ड नवागढ के ग्राम बिरसिंघी व ग्राम टुरा सेमरिया के दो परिवार मे दों नाबालिग बालिकाओ का बाल विवाह किये जाने की सूचना पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाइल्ड लाईन की संयुक्त टीम द्वारा बाल विवाह रोकवाया गया। शिकायत प्राप्त होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सह जिला बाल विवाह प्रतिशेघ अधिकारी के निर्देश पर एवं परियोजना अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन पर ग्राम ग्राम बिरसिंघी में एक नाबालिक बालिका का तथा ग्राम टुरा सेमरिया में एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह रोकवाया गया। वधु पक्ष को समझाईश दी गई, जिस पर उनके द्वारा सहर्ष ही बालिका के निर्धारित आयु पूर्ण होने के उपरांत ही विवाह किये जाने हेतु अपनी सहमति प्रदान की तथा विवाह स्थगित करने की बात कही गई, बालिका के परिजनों के अनुसार हमें यह ज्ञात नहीं था कि वर्तमान में मैाजूदा कानून के तहत् 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह गैर कानूनी है।
अधिकारियों द्वारा समझाईश दिये जाने पर उन्होने उक्त बालिका का विवाह वर्तमान में मौजूदा कानून के तहत् विवाह किये जाने की शपथपूर्वक कथन किया तथा उन्हे बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम, 2006 में उल्लेखित प्रावधानों के बारे में बताया गया कि निर्धारित आयु पूर्ण होने के पूर्व विवाह करवाना अपराध है, जो भी व्यक्ति ऐसा करता या कराता है या विवाह में सहयोग प्रदान करता है, तो उसे भी 02 वर्ष तक कठोर कारावास अथवा एक लाख रू. तक जुर्माना हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है।