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आगामी शिक्षा सत्र से स्वामी आत्मानंद स्कूलों की प्रत्येक कक्षा में 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दें -कलेक्टर

जांजगीर चांपा : आगामी शिक्षा सत्र से स्वामी आत्मानंद स्कूलों की प्रत्येक कक्षा में 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दें -कलेक्टर

अब तक 40 बच्चों को मिलता था प्रवेश

स्कूलों की गुणवत्ता देखते हुए बच्चों को प्रवेश दिलाने पालकों की मांग पर मुख्यमंत्री ने की है घोषणा

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कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने जिले में संचालित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की सभी कक्षाओं में आगामी शिक्षा सत्र से 40 के स्थान पर 50 बच्चों को प्रवेश देने के निर्देश दिए हैं।
ज्ञातव्य है कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर प्रवेश हेतु पालकों की भारी मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश हेतु सीटें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने जिले में संचालित सभी 10 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की कक्षाओं में शिक्षा सत्र 2022 -23 में 50 विद्यार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश प्राचार्यों को दिए हैं। कलेक्टर ने शैक्षणिक जिला जांजगीर और सक्ती के जिला शिक्षा अधिकारी को शासन के उक्त निर्देश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
इन स्कूलों में अब तक प्रत्येक कक्षा में 40 बच्चों को प्रवेश दिया जाता था। जिले में संचालित 10 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए कक्षा 01 से 12वीं में बच्चों को प्रवेश दिलाने पालकों में भारी मांग है। पालकों की मांग और उत्साह को देखते हुए प्रत्येक कक्षा में दस सीटें बढ़ाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षा सत्र 2022-23 में प्रत्येक कक्षा में 40 के स्थान पर 50 विद्यार्थियों को प्रवेश देने का आदेश जारी कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के रूप में अभिनव नवाचार प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के गरीब से गरीब बच्चे को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर अच्छी सुविधाएं दिलाते हुए अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने की सुविधा मुहैया कराना है। गरीब बच्चों को भावी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करना,शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध कराना और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना इस नवाचार के पीछे राज्य सरकार का निहित उद्देश्य है।

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