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नेशनल लोक अदालत में डेढ़ लाख से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण

रायगढ़ : नेशनल लोक अदालत में डेढ़ लाख से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2022 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में मुख्य संरक्षक महोदय छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों कें पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी ऑफेंस के प्रकरणों को निराकृत किये गये हैं।
समाचार लिखे जाने तक उक्त नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह समझौता के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों से कुल 1,25,000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण हो चुके है तथा आज दिनांक को आयोजित नेशनल लोक अदालत की समाप्ति तक लगभग 1,50,000 से अधिक प्रकरणों के निराकृत होने की संभावना बताई गई है। इसी प्रकार उपरोक्त नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में कुल 03 खण्डपीठों के द्वारा कुल 45 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 4870000/- रूपये का अवार्ड पारित किया गया।
नेशनल लोक अदालत, जो वर्चुअल एवं फिजिकल दोनों माध्यमों से जिला न्यायालय रायगढ़, तहसील न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया सहित राजस्व न्यायालयों में आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय सहित तहसील स्थित सिविल न्यायालयों में गठित कुल 20 खण्डपीठों में लंबित प्रकरण 1745 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 8163 को लोक अदालत में रखा गया, जिसमें से लंबित 1023 एवं प्रीलिटिगेशन 151 प्रकरण निराकृत हुये तथा राजस्व न्यायालयों में गठित 31 खण्डपीठों में कुल 1997 राजस्व संबंधी प्रीलिटिगेशन के प्रकरण निराकृत किये गये । इस प्रकार इस नेशनल लोक अदालत में कुल 3171 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उन प्रकरणा़ें के अंतर्गत कुल 3 करोड़ 39 लाख 89 हजार 229 रूपये का सेटलमेंट हुआ।
आज आयोजित नेशनल लोक अदालत का निरीक्षण न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायमूर्ति श्री पी.सैम कोसी पोर्टाफोलियो जज, जिला न्यायालय बिलसपुर द्वारा किया गया। न्यायाधीशों द्वारा सभी खंडपीठो में उपस्थित पक्षकारों से चर्चा की गयी उन्हें समझाईश दिया गया तथा खंडपीठ के न्यायिक अधिकारियों, सदस्यों तथा अधिवक्ताओं से भी चर्चा की गई। श्री अशोक लाल अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बिलासपुर के न्यायालय में दुर्घटना के प्रकरण में आवेदिका फूलबाई को दस लाख बीस हजार रूपये का अवार्ड दिया गया। आवेदिका के पति भोपाल दुबे की दुर्घटना में 16 दिसम्बर 2020 में मृत्यु हो गई थी। मृतक की पत्नी फूलबाई लकवाग्रस्त हैं तथा चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण व्हीलचेयर में आज न्यायालय में उपस्थित हुईं। वहीं एक अन्य प्रकरण स्पेसिक परफार्मेंस का अपर जिला न्यायाधीश स्मिता रत्नावत के न्यायालय में लगभग 5 वर्षों से दो भाईयों राहुल तथा रोहित के बीच में लंबित था। अ_ारह लाख के विवाद के उस प्रकरण में दोनों भाईयों के मध्य समझौता हुआ तथा विक्रयपत्र निष्पादन का अवार्ड पारित किया गया है। न्यायालय द्वारा लगभग एक लाख दस हजार रूपये से अधिक के न्यायशुल्क के वापसी का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत की एक अन्य खण्डपीठ में भाई एवं बहन के बीच में सम्पत्ति का विवाद काफी समय से चल रहा था, जिसे समझाईश के द्वारा निराकृत किया गया। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में पति व पत्नी के बीच में मारपीट का एक फौजदारी मामला भी लंबित था, जिसे दोनों पक्षों को समझाईश देकर निराकृत कराया गया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की उपस्थिति में पति ने पत्नी को बुके देकर प्रकरण में राजीनामा किया। इसी प्रकार कई प्रकरणों में पक्षकारों के मध्य सुलह होने पर न्यायाधीश महोदयों द्वारा पक्षकारों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने कहा कि न्यायालयों में प्रकरण काफी लंबे तक साल दर साल चलते हैं और पक्षकारगण परेशान होते रहते हैं, समय एवं धन का भी नुकसान होता है। जबकि लोक अदालत में प्रकरणों का त्वरित निराकरण होता है, पक्षकारों के मध्य संबंध मधुर होते हैं धन की बचत होती है। न्यायमूर्ति पी.सैम कोसी ने कहा कि प्रकरणों के निराकरण से दोनों पक्षकारों को फायदा पहुंचता है, जब एक प्रकरण निपटता है तो दो लोग लाभांवित होते हैं। लोक अदालत में सिविल प्रकरणों में निराकृत होने पर न्यायशुल्क वापसी की भी शासन द्वारा व्यवस्था की गई है। आज की स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) बिलासपुर में भी 11 प्रकरणों का निराकरण हुआ। कुमारी बनीता प्रधान एवं रॉंयल गल्र्स हॉंस्टल गांधी चौक के मध्य सेवा की कमी का विवाद चल रहा था, जिसे हॉंस्टल प्रबंधन द्वारा पांच हजार रूपये वापस कर प्रकरण का निराकरण कराया। तोषण कुमार अग्रवाल ने नगरपालिका निगम बिलासपुर के मध्य साफ -सफाई का विवाद था। आवेदक के आवेदन पर नगर-निगम द्वारा साफ सफाई कराई गई। इसी प्रकार हरीश चेलकर के विरूद्ध भी नगरनिगम के द्वारा पानी सप्लाई का मामला लंबित था, जिसे पर नगरनिगम द्वारा पानी की सप्लाई की व्यवस्था की गई। इसी प्रकार संगीता जेम्स तथा ईफको टोकियों इंश्योंरेंस कंपनी के मध्य एक्टिवा चोरी होने के कारण बीमा की राशि तैईस हजार रूपये का बीमा का विवाद लंबित था, जिसे भुगतान करने के लिए कंपनी हीलहलावा किया जा रहा था। लोक अदालत ने तैईस हजार रूपये की राशि 12 प्रतिशत ब्याज की राशि भुगतान करने का आदेश दिया। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में डॉ.राहुल वर्मा तथा हासिम एच, हामीद के मध्य आवास और भू-सम्पदा से संबंधित एक मामला लंबित था, जिसमें उभयपक्षकारों के द्वारा समझौता सम्पन्न हुआ। आज सम्पन्न हुए लोक अदालत में 350 से ज्यादा खण्डपीठों का गठन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में दिवानी, फौजदारी, मोटर दुर्घटना, राजस्व, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद जैसे विषयों के प्रकरणों का निराकरण राजीनामा के माध्यम से किया गया।

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