प्राण प्रतिष्ठा प्रयोजन की सार्वजनिक स्वीकार्यता प्राप्त करने के उद्देश्य की जाती है शोभा यात्रा – विनोद अग्रवाल…….

प्राण प्रतिष्ठा प्रयोजन की सार्वजनिक स्वीकार्यता प्राप्त करने के उद्देश्य की जाती है शोभा यात्रा – विनोद अग्रवाल…….

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  मां बनभौरी मंदिर समिति अंबिकापुर द्वारा मां बनभौरी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तहत आज कला केंद्र मैदान से घड़ी चौक संगम चौक महामाया चौक जय स्तंभ चौक अग्रसेन चौक अग्रसेन भवन से होते हुए कुंडला में नवनिर्मित मंदिर प्रांगण तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई इससे पूर्व समिति द्वारा मां की पवित्र ज्योति यात्रा कलश यात्रा के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैंl शोभायात्रा में सनातन धर्म के सभी अंग उपांगों की अनेक विशेष झांकिया देखने को मिली मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल हनुमान राइस मिल ने बताया कि शोभा यात्रा का आयोजन कुंडला में मां बनभौरी मंदिर निर्माण की खुशी व श्रद्धा को सार्वजनिक रूप से दर्ज करने उस प्रसन्नता को आम जनता के साथ साझा करने व उसके प्रयोजन की सार्वजनिक स्वीकार्यता प्राप्त करने की दृष्टि से किया गया और यही इसका उद्देश्य भी हैl

उन्होंने कहा कि शोभा यात्रा प्राण प्रतिष्ठा के निर्धारित कर्मकांडो का अनिवार्य हिस्सा है ! विशाल शोभायात्रा में माता के केसरिया निशान हाथ में लिए ढोल बैंड शैला नगाड़ों की धुन में पितांबर परिधान में सुसज्जित हजारों युवा पुरुष माता बहने मां बनभौरी की श्रद्धा में पूरे मार्ग में नाचते गाते नजर आए शोभा यात्रा के मुख्य आकर्षण यात्रा के दौरान निकाली गई झांकियां रहीl जिसमें एक पुरुष व महिला को पौराणिक परिधानों से सुसज्जित कर शिव पार्वती का जीवंत स्वरूप दिया गया था जिसमें नंदी भगवान भी साथ दिखे साथ ही कृष्ण राधा व हनुमान जी की जीवंत झांकी भी नगर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी वही एक रथ पर सवार नौ कुंआरी कन्याओं के रूप में नवदुर्गा की झांकी निकाली गई मां बनभौरी के संघर्ष की गाथा को अभिव्यक्त करती एक झांकी में मां बनभौरी का दरबार बनाकर उसमें माता को भौरे का रूप दिया गयाl

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

विदित हो कि पौराणिक कथाओं के अनुसार जब आतताई राक्षसों से पूरा समाज परेशान था तब मां बनभौरी ने भंवरा का रूप ग्रहण कर वरुण नामक दैत्य का संहार किया था शोभा यात्रा के दौरान कला केंद्र से लेकर कुंडला मंदिर परिसर तक विभिन्न सामाजिक संगठनों व्यवसायिक संगठनों द्वारा मार्ग में शुभा यात्रियों का जगह-जगह फूल माला से स्वागत अभिनंदन किया तथा जलपान शीतल पेय की व्यवस्था की थी ! कार्यक्रम प्रभारी ने भावी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 5 जुलाई को माता के जागरण का कार्यक्रम तथा 6 जुलाई को प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगाl

जिसमें प्रात: पूजा अर्चना के पश्चात छप्पन भोग व सवामणी का प्रसाद चढ़ाया जाएगा तत्पश्चात 1:00 बजे से महा मंगल पाठ व सायं 6:00 बजे से आमंत्रित कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी !  पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु गणों ने पूरी अनुशासन के साथ यात्रा में भाग लिया तथा आवागमन को प्रशस्त रखने का प्रयास किया इस अवसर पर मां बनभौरी मंदिर समिति के सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता अनेक जिलों से आए हुए माता के श्रद्धालु गण हजारों की संख्या में उपस्थित रहे!