बांग्लादेश ने भारत से गंगा, ब्रह्मपुत्र, बराक और अन्य नदियों पर बाढ़ से संबंधित आंकड़े मांगे

बांग्लादेश ने भारत से गंगा, ब्रह्मपुत्र, बराक और अन्य नदियों पर बाढ़ से संबंधित आंकड़े मांगे

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नयी दिल्ली, 27 अगस्त बांग्लादेश ने गंगा, ब्रह्मपुत्र, बराक और अन्य नदियों पर ऊपरी हिस्सों (अपस्ट्रीम स्टेशन) से देश में बाढ़ के सटीक पूर्वानुमान के लिए आंकड़े मांगे हैं, लेकिन भारत का कहना है कि पर्याप्त आंकड़े ढाका को दिए जा रहे हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, इस मौसम के बाद से भारत ने किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए बांग्लादेश को बाढ़ के आंकड़ों को साझा करने की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।

भारत और बांग्लादेश के मंत्रालय स्तरीय संयुक्त नदी आयोग की 38वीं बैठक बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान इस मामले पर चर्चा की गई थी।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया, जबकि बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जल संसाधन राज्य मंत्री जहीद फारूक ने किया।

सूत्रों ने कहा कि बांग्लादेश ने गंगा, ब्रह्मपुत्र, बराक और अन्य नदियों पर ‘अपस्ट्रीम स्टेशन’ से देश में बाढ़ के सटीक पूर्वानुमान के लिए बाढ़ के आंकड़े मांगे हैं, लेकिन भारत ने यह सुनिश्चित किया है कि पड़ोसी देश को पर्याप्त आंकड़े मुहैया कराये जा रहे हैं।

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सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत ने बाढ़ के आंकड़ों को साझा करने की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी है, जो पहले 15 अक्टूबर तक थी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तकनीकी समिति द्वारा बाढ़ के आंकड़ें साझा करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया या प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा और तब तक मौजूदा तंत्र संचालित होता रहेगा।

गौरतलब है कि 12 साल के अंतराल के बाद दोनों देशों के बीच संयुक्त नदी आयोग की मंत्रालय स्तर पर यह बैठक हुई थी। हालांकि, इन वर्षों में आयोग के बीच तकनीकी पहलुओं पर निरंतर बातचीत होती रही है।

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार भारत और बांग्लादेश 54 नदियों को साझा करते हैं, जिनमें से सात नदियों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर जल बंटवारा समझौतों के ढांचे के विकास के लिए की जा चुकी है।

बैठक में आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए आठ और नदियों को शामिल कर सहयोग के क्षेत्र को व्यापक बनाने पर सहमति बनी थी। इसे लेकर आगे संयुक्त नदी आयोग की तकनीकी स्तरीय समिति में चर्चा की जाएगी।