न्यायमूर्ति ललित छठे ऐसे सीजेआई होंगे, जिनका कार्यकाल सौ दिन से भी कम रहेगा

न्यायमूर्ति ललित छठे ऐसे सीजेआई होंगे, जिनका कार्यकाल सौ दिन से भी कम रहेगा

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

नयी दिल्ली, 27 अगस्त/ भारत के 49वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित भारतीय न्यायपालिका के छठे ऐसे प्रमुख होंगे, जिनका कार्यकाल 100 दिन से कम होगा।

न्यायमूर्ति ललित का कार्यकाल 74 दिन का होगा और वह आठ नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु होने पर सेवानिवृत्त होते हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

25 नवंबर 1991 से 12 दिसंबर 1991 तक प्रधान न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति कमल नारायण सिंह का कार्यकाल 18 दिन था।

वहीं, दो मई 2004 से 31 मई 2004 तक सीजेआई के रूप में सेवाएं देने वाले न्यायमूर्ति एस राजेंद्र बाबू का कार्यकाल 30 दिन का था।

न्यायमूर्ति जे सी शाह 36 दिन तक प्रधान न्यायाधीश रहे। उनका कार्यकाल 17 दिसंबर 1970 से 21 जनवरी 1971 तक था।

वहीं, न्यायमूर्ति जी बी पटनायक आठ नंवबर 2002 से 18 दिसंबर 2002 तक सीजेआई रहे। प्रधान न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल 41 दिन का था।

न्यायमूर्ति एल एम शर्मा का कार्यकाल 86 दिन रहा। वह 18 नवंबर 1992 से 11 फरवरी 1993 तक प्रधान न्यायाधीश के पद पर थे।