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मंत्रिमंडल ने तुअर, उड़द मसूर की खरीद सीमा बढ़ायी, रियायती दरों पर राज्यों को चना देने का निर्णय

मंत्रिमंडल ने तुअर, उड़द मसूर की खरीद सीमा बढ़ायी, रियायती दरों पर राज्यों को चना देने का निर्णय

नयी दिल्ली, 31 अगस्त/ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर, उड़द और मसूर की खरीद सीमा मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने को मंजूरी दी।

आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में इस्तेमाल के लिए बफर स्टॉक से रियायती दरों पर 15 लाख टन चना जारी करने की मंजूरी भी दी गई।

कृषि मंत्रालय की मूल्य समर्थन योजना उस समय परिचालन में आती है जब कृषि उपज का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ जाता है। दूसरी तरफ, खाद्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कीमत स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) के अंतर्गत जिंसों की खरीद बाजार मूल्य पर की जाती है।

बयान के अनुसार, ‘‘सीसीईए ने मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर, उड़द और मसूर की खरीद सीमा मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने को मंजूरी दी।’’

इसके साथ सीसीईए ने मूल्य समर्थन योजना तथा कीमत स्थिरीकरण कोष के तहत खरीदे गये विभिन्न दालों के भंडार में से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को रियायती दरों पर 15 लाख टन चना जारी करने का निर्णय किया।

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राज्यों को ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर स्रोत वाले राज्यों के निर्गम मूल्य पर आठ रुपये प्रति किलो की छूट के साथ 15 लाख टन चना उठाने की पेशकश की जाएगी।

बयान के अनुसार, सरकार इस योजना के क्रियान्वयन पर 1,200 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

राज्यों को इस चने का उपयोग मध्याह्न भोजन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और एकीकृत बाल विकास कार्यक्रम (आईसीडीपी) जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में करने की जरूरत होगी।

सरकार ने कहा, ‘‘यह एकबारगी व्यवस्था 12 महीने की अवधि के लिये या चने के 15 लाख टन के भंडार के पूर्ण निपटान तक, जो भी पहले हो, तक के लिये होगी।’’

बयान के अनुसार, चने के निपटान से गोदामों में दूसरे अनाज के लिये जगह उपलब्ध होगी। आने वाले रबी मौसम में पीएसएस के तहत खरीदे गये ताजा भंडार के लिये जगह की जरूरत पड़ेगी।

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में खासकर पिछले तीन साल में देश में चने का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है।

पीएसएस के तहत केंद्र ने फसल वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के रबी मौसम के दौरान चने की रिकॉर्ड खरीद की है। इससे सरकार के पास पीएसएस और पीएसएफ के तहत 30.55 लाख टन चना उपलब्ध है।

सरकार के अनुसार, आने वाले रबी मौसम में भी सरकार चना उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद कर रही है।

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