CM मोहन यादव ने 52 लाख छात्रों के खातों में भेजे ₹300 करोड़; बोले- अब स्कॉलरशिप अप्रैल के बजाय अक्टूबर में

सीएम मोहन यादव ने 52 लाख छात्रों के खातों में भेजे ₹300 करोड़: कहा- शिक्षा बजट में कोई रुकावट नहीं आने देंगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को समेकित छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 300 करोड़ रुपए की राशि का ऑनलाइन अंतरण किया। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में किए गए बदलाव पर ज़ोर दिया:

  • अक्टूबर में वितरण: उन्होंने बताया कि पहले छात्रवृत्ति आमतौर पर अप्रैल या मई में दी जाती थी, लेकिन इस बार बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए यह राशि अक्टूबर में ही उनके खातों में पहुंचाई जा रही है।
  • उद्देश्य: “सरकार का उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को उनकी जरूरत की सभी सुविधाएं समय पर मिलें, ताकि वे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।”
  • अन्य सुविधाएं: उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को साइकिल, गणवेश (यूनिफॉर्म) और स्कूटी की राशि भी समय पर दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों की शिक्षा के लिए बजट की कोई कमी नहीं आएगी:

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  • प्राथमिकता: उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। “हमारे लिए यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश है।”
  • पूरा बजट: “बच्चों के लिए सरकार के पास पूरा बजट है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक वजहों से न रुके।”
  • वित्तीय प्रक्रिया: उन्होंने बताया कि वित्त विभाग से इतनी बड़ी राशि को स्वीकृत कराना आसान नहीं था, लेकिन बच्चों की प्राथमिकता को देखते हुए यह राशि समय पर उपलब्ध कराई गई।

डॉ. यादव ने शिक्षा के प्रति सरकार की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाया:

  • निजी स्कूलों की फीस: सरकार ने हाल ही में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.5 लाख विद्यार्थियों की फीस की पूर्ति भी की थी।
  • समान प्रतिबद्धता: “चाहे सरकारी हो या निजी संस्थान हम हर बच्चे की पढ़ाई को लेकर प्रतिबद्ध हैं।”
  • समेकित छात्रवृत्ति योजना: यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को बैंक खातों में सीधे राशि देती है, ताकि वे फीस, यूनिफॉर्म, और स्टेशनरी जैसी शैक्षणिक जरूरतें पूरी कर सकें।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।