
मोहला: राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने की विस्तृत समीक्षा बैठक
मोहला जिले में कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा बैठक लेकर लंबित मामलों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण के निर्देश दिए। भू-अर्जन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन व स्वामित्व योजना पर चर्चा हुई।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश, कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने की विस्तृत समीक्षा बैठक
पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई पर दिया जोर
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, 18 फरवरी 2026।कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कलेक्टोरेट स्थित वीसी कक्ष में आयोजित बैठक में जिले के विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में डीएफओ दिनेश पटेल, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर मिथलेश डोंडे, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भूआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर डीआर ध्रुव, आदिवासी विकास, वन विभाग सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इन बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में रबी फसलों के डीएससी सर्वे की प्रगति, भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति, वन अधिकार पत्र के मृत हितग्राहियों के नामांतरण, अविवादित एवं विवादित नामांतरण-बंटवारा प्रकरण, सीमांकन कार्य, स्वामित्व योजना तथा अभिलेख शुद्धता अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में दस्तावेजी कमी या तकनीकी अड़चनें हैं, उन्हें शीघ्र दूर कर कार्रवाई पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को राजस्व मामलों में किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
स्वामित्व योजना और अभिलेख शुद्धता पर विशेष सतर्कता
कलेक्टर ने स्वामित्व योजना एवं अभिलेख शुद्धता अभियान से जुड़े कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में कमी लाई जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशानुसार जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।










