Advertisement

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23: समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग की तैयारी युद्धस्तर पर जारी

रायपुर : खरीफ विपणन वर्ष 2022-23: समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग की तैयारी युद्धस्तर पर जारी

अब तक 95 हजार नवीन किसान पंजीकृत

कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा जिलों में धान खरीदी एवं निराकरण का कार्य

किसानों से इस बार 110 लाख मीटरिक टन खरीदी का अनुमान

अवैध धान की आवक रोकने के लिए जिले स्तर पर टीम का गठन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य 1 नवम्बर 2022 से प्रारंभ हो रहा है। यह कार्य 31 जनवरी 2023 तक किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किये जाने के लिए गत वर्ष पंजीकृत किसानों को कैरी फारवर्ड एवं डाटा अद्यतन कर तथा नवीन किसानों का पंजीयन कर धान की खरीदी की जाएगी। किसान पंजीयन का कार्य कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम दिनांक 31 अक्टूबर 2022 तक किया जाएगा। अभी तक 24 लाख 5 हजार 288 हजार किसानों का पंजीयन कैरी फारवर्ड किया गया है और 95 हजार नवीन किसान पंजीकृत हुए हैं। राज्य शासन द्वारा धान खरीदी नीति एवं कस्टम मिलिंग की नीति 21 अक्टूबर 2022 को जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार कलेक्टर्स द्वारा जिलों में धान खरीदी एवं निराकरण का कार्य किया जाएगा।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj
WhatsApp Image 2026-09-30 at 04.12.35 (2)

खरीफ वर्ष 2022-23 में किसानों से 110 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का अनुमान है जिसके लिए 5.50 लाख गठान बारदाना की आवश्यकता होगी। धान खरीदी के लिए भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार 50.50 के अनुपात में नये एवं पुराने बारदाने में धान की खरीदी की जावेगी। चावल उपार्जन हेतु आवश्यक 2 लाख 97 हजार गठान में से 2 लाख 37 हजार गठान बारदाने जूट कमिश्नर से क्रय करने की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी गई है। अभी तक 2 लाख 37 हजार गठान का इंडेट जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध 1 लाख 45 हजार गठान राज्य को प्राप्त हो चुके हैं एवं शेष 48 हजार गठान नये जूट बारदाने गत वर्ष के उपलब्ध है तथा शेष कमी होने वाले बारदानों की प्रति पूर्ति जैम पोर्टल के माध्यम से क्रय करने की कार्यवाही प्रचलित है। पुराने बारदाने 2 लाख 53 हजार गठान की आवश्यकता होगी, जो राज्य में मिलर्स, समिति के पास उपलब्ध है।

समितियों में चेकलिस्ट अनुसार फड़, कांटाबाट, कम्प्यूटर, आर्दतामापी यंत्र, ड्रेनेज, तारपोलिन, पीने का पानी की व्यवस्था, पोस्टर एवं बेनर प्रदर्शन आदि का कार्य किया जा रहा है। नोडल अधिकारी द्वारा इसका सत्यापन का कार्य प्रचलित है। समितियों में 26 से 28 अक्टूबर तक ट्रायल रन चलेगा। एफएक्यू (FAQ) धान खरीदी एवं सॉफ्टवेयर में प्रशिक्षण का कार्य जिले में प्रचलित है। धान खरीदी की तैयारी समय से पूर्व हो जाएगी।

मिल पंजीयन का कार्य प्रचलित है और 1 नवम्बर 2022 से उपार्जन कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। राज्य स्तर के अधिकारियों की टीम को जिले का प्रभारी बनाया गया है। अवैध धान की आवक रोकने के लिए जिले स्तर पर राजस्व खाद्य, सहकारिता, मंडी, विपणन, वन आदि विभाग के अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है।

धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग तैयारी के संबंध में मुख्य सचिव स्तर से कलेक्टर्स की विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की जा चुकी है। खाद्य सचिव द्वारा राज्य स्तरीय अधिकारियों एवं जिला स्तरीय संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की जा चुकी है। धान खरीदी की तैयारी का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है जो समय में पूर्ण हो जाएगा।

Festive Hindi Greeting News Banner
WhatsApp Image 2026-10-16 at 21.37.34 (1)
WhatsApp Image 2026-10-18 at 17.22.08
WhatsApp Image 2026-10-16 at 12.30.57