जांजगीर-चांपा: गोठान से बदल रही है स्व-सहायता समूह के महिलाओं की जिंदगी गोठान से बदल रही है

जांजगीर-चांपा: गोठान से बदल रही है स्व-सहायता समूह के महिलाओं की जिंदगी
गोठान से बदल रही है

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गोठनों में स्व सहायता समूह की महिलाएं कर रहीं मल्टीएक्टिविटी का कार्य

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जांजगीर जिले के अकलतरा विकासखंड की ग्राम पंचायत तिलई में मल्टीएक्टिविटी गौठान का निर्माण किया गया है।यह मल्टीएक्टिव गोठान 38 एकड़ में फैला हुआ है। जहां स्वसहायता समूह की दीदियां सब्जियों की खेती करके सफलता की कहानी गढ़ रहीं हैं। समूह की महिलाएं कठोर परिश्रम कर अपनी किस्मत को बदलने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए बेहतर स्वरोजगार की ओर बढ़ रही हैं। यहां स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रेरित करते हुए उनके माध्यम से सब्जी बाड़ी का कार्य शुरू कराया गया है। तिलई गौठान में दो समूहों के द्वारा 2021-22 से यह कार्य किया जा रहा है। इसमें दुर्गा एवं जय अन्नधारी स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा गोठान में सब्जी उत्पादन कर रहीं हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि इस सीजन उन्हें सब्जी बेचकर 61 हजार रूपए नगदी लाभ प्राप्त हुआ है। गोठान में दुर्गा स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कौशिक एवं जय अन्नधारी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती अनिता यादव ने बताया कि वे गौठान में करेला, टमाटर, बैगन, भिंडी, लौकी, पालक भाजी, धनिया, लाल भाजी, मूली, आलू, प्याज आदि लगाए हैं। उनके द्वारा जैविक खाद का प्रयोग कर स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने ने बताया कि वे पिछले 2 सालों से सब्जी उत्पादन कर रही हैं। वहीं गौठान में आरती स्वसहायता समूह की महिलाएं केचुओं से जैविक खाद, बतख पालन, मुर्गी पालन के साथ साथ गोमूत्र से ब्रह्मास्त्र एवं जीवामृत तैयार कर रहीं हैं। समूह द्वारा यहां फूल गोभी, पत्ता गोभी, गांठगोभी, धनिया, मेथी, शकरकंद, बैंगन, भिंडी, लौकी, पालक भाजी, धनिया, लाल भाजी, मूली, आलू, प्याज आदि लगाई गई है। यहां सभी समूह की महिलाओं की मेहनत रंग ला रही है। उनके द्वारा लगाई गई सब्जी-भाजी को आसपास के गांव के अधिकांश लोग खरीद रहे हैं। वहीं आसपास के हाटबाजार में भी समूह की महिलाओं की सब्जियां बिकने लगी हैं। इससे पहले 2021 में दुर्गा स्व सहायता समूह ने एनआरएलएम के माध्यम से बैंक लिंकेज करते हुए बाड़ी विकास के लिए 1 लाख रूपए का ऋण लिया था, जिसमें से उन्होंने सब्जी भाजी के उत्पादन से मुनाफा कमाकर 50 हजार रूपए लोन के चुका दिये और रिवाल्विंग फंड से उन्हें 15 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। वहीं अन्नधारी समूह के लिए भी 15 हजार रूपए रिवाल्विंग फंड मिला, जिससे वह गतिविधि संचालित कर रही हैं। इसके अलावा यहां सीता स्वसहायता समूह द्वारा नेपियर घास का उत्पादन भी किया जा रहा है। उद्यान विस्तार अधिकारी द्वारा यहां नियमित आकर सब्जी की उन्नत खेती हेतु तकनीकी जानकारी दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक उत्पादन कर महिलाओं को लाभ प्राप्त हो सके।
ग्रामीण उद्यान विकास विस्तार अधिकारी मूरित साहू ने बताया कि गत वर्ष इन समूहों द्वारा वर्ष 2021-22 में उत्पादित सब्जियों को आस पास के आंगनबाड़ी और छात्रावास में बिक्री के लिए पहल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोठान में ग्राफ्टेड बैंगन के 270 पौधे रोपित किये गए हैं।इसकी खासियत यह हैं कि इसमें विल्ट रोग नहीं लगता।इससे 45 दिनों में ही पहला फसल प्राप्त किया जा सकता है और 1 से 1.5 वर्षों तक फल प्राप्त किया जा सकता है और यह अपने जीवनकाल में यह पौधा 100-150 किग्रा फल देता है। यहां मशरूम उत्पादन के लिए सेड भी तैयार किया गया है जिसमे शीघ्र ही मशरूम उत्पादन का कार्य करना प्रतीक्षित है। इसके अलावा डी.एम.एफ. से मसाला पिसाई मशीन पॉवर प्लवराइजर दुर्गा स्वसहायता समूह को निःशुल्क दिया गया है,जिससे मसाला पिसाई कर अपनी आय को बढ़ा सकें और साथ ही शुद्ध मसाला उचित मूल्य पर आम लोगों को मिल सके।