मैनपुर ग्राम फरसरा बिहान के महिलाओं की बेबसी, राम भरोसे गौठान, गुजारा भी मुश्किल “महुआ” चार” के सीजन छोड़ गौठान में बना रहे कंपोस्ट खाद

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रिखीराम नागेश ब्यूरो चीफ/ गरियाबंद  : जिला के आदिवासी विकास खंड मैनपुर ग्राम पंचायत फरसरा के बिहान कार्यक्रम से जुड़ी जय माँ दुर्गा स्व सहायता समूह की महिलाएं की बेबसी आज जवाब दे रही है “महुआ” चार” के इस सीजन में सब छोड़कर वनांचल के महिलाएं फरसरा के गौठान में कंपोस्ट खाद बनाने में जुटी हुई है वही जमीनी हकीकत अगर हम आपको बयां करें तो गुजारा भी मुश्किल हो रहा है महिला समूह के सदस्यों ने बताया कि विगत 6 महीनों से काम के एक भी रुपए की आमदनी नहीं हुआ है वही गौठान के चौकीदार फूलचंद छिंदा ने भी बताएं कि विगत 2 वर्षों से चौकीदारी कर रहा है और अब तक सिर्फ ₹10000 ही उनको अब तक दिया गया है ऐसे में सरकार के रोजगार मुखी कार्यक्रम बिहान के महिलाओं को आत्मनिर्भरता बनाने की दावे यहाँ डगमगाने लगा है

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गोधन न्याय योजना के जरिए छत्तीसगढ़ की कई जगहों में विकास की रफ्तार पकड़ी हुई है लोग गोबर बेच कर पैसे कमा रहे हैं पर वनांचल में गौठान की स्थिति इस कदर बिगड़ी हुई है की यहां पर एक भी गाय नहीं है और न कोई जानवर तो गोबर कहां से आएगा और कंपोस्ट खाद कैसे बनेगा मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के भूमिहीन मज़दूरों को लाभ पहुंचाने का गोधन न्याय योजना कैसे सफल होगा और इससे जुड़ी समूह की महिलाओं को किस तरह से आमदनी होगा क्या ऐसी स्थिति में महिलायें आत्मनिर्भर बन सकेगी सवाल कई पर जवाब नहीं