Ambikapur : गूगल तको समझही अब छत्तीसगढ़ी………………..

गूगल तको समझही अब छत्तीसगढ़ी………………..

पी0एस0यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अगुवाई में जोन रिकिम ले संस्कृति बर बुता होवत हवे ओही रकम ले छत्तीसगढ़ीभासा बर बुता होअत हवे। छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2023 के आयोजन म असो पहिली पइत छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन हों आयोजित करे गइस। 28 ले 30 जनवरी तक शासकीय नागार्जुन साइंस कॉलेज रायपुर में आयोजित साहित्य सम्मेलन के पहिली दिन कर दुसरइया सत्र में लोक साहित्य म युवा मन के भूमिका ऊपर गोठ बात म डॉ0 सुधीर पाठक द्वारा सरगुजिहा के साहित्यिक इतिहास ल बतावत एकर प्रमुख साहित्यकार अउ ओमन कर रचना के बारे म हों बिस्तार ले बरनन करे गइस।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

एही ओढ़र में छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन 2023 के दुसरइयां दिन छत्तीसगढ़ लोक साहित्य अउ इलेक्ट्रानिक मिडिया ऊपर गुनान गोठ करे गइस। येकर पहिली सत्र कर अध्यक्षता डॉ0 जीवन यदु राही द्वारा करे गइस। ये मौका म डॉ0 जीवन यदु राही, डॉ0 राजन यादव, कुबेर साहू, अशोक आकाश मन वेब मिडिया के पोठ जानकार गुरतुर गोठ के संपादन संजीव तिवारी कर संचालन म चर्चा करिन। यही रकम ले दुसरइया सत्र डॉ0 सुधीर पाठक सरगुजा कर अध्यक्षता में अउ संजीव तिवारी कर संचालन में मिडिया म छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम कर एंकर मधुमिता पाल, डॉ0 हितेश तिवारी, रितुराज साहू मन अपन बात रखिन।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

एही घरी राजभासा कर सहजोग ले छपल तीन ठन किताब-कृष्ण कुमार पाटिल कर छत्तीसगढ़ कबिता संग्रह ‘‘जय छत्तीसगढ़ दाई’’, रामनाथ साहू कर छत्तीसगढ़ उपन्यास ‘‘सोन कमल’’ अउ डॉ0 गीतेश कुमार अमरोहित कर उपन्यास ‘‘कौशल्या’’ ला अतिथि मन लोकार्पित करिन। कार्यक्रम में पहिली वेब पोर्टल गुरतुर गोठ के संपादक संजीव तिवारी मन बताइन गूगल हर छत्तीसगढ़ी के सब्द ल सकेले खातिर गजब उदीम करत हवे। ओहर रूपिया तक हों लगावत हवे ताकि छत्तीसगढ़ी के जादा ले जादा डाटा ओमन सकेल सकें।

एक दिन अइसन आही कि हमर साहित्य,कला अउ संस्कृति के बारे म गूगल हर हमर अवइया पीढ़ी ला सिख देही। येकर सेथी सुघ्घर-सुघ्घर चीज आज देबो त ओही हर हमर अवइया पीढ़ी ल मिलही। ओमन जुरियाए जम साहित्यकर मन ले केलौली करिन कि इंटरनेट में जादा ले जादा अपन साहित्य ल समोखे के बुता करव। कार्यक्रम कर आखिर में सरगुजिहा के साहित्यकार मन में रंजीत सारथी, अर्चना पाठक, आशा पाण्डेय, माधुरी जायसवाल, दीपलता देशमुख अउ एस.पी. जायसवाल मन अपन-अपन कबिता कर पाठ करिन।