छत्तीसगढ़रायपुर

रायपुर : योजनाओं का लाभ मिलने एवं आमदनी बढ़ने से मछुआरों में उत्साह

रायपुर : योजनाओं का लाभ मिलने एवं आमदनी बढ़ने से मछुआरों में उत्साह

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

 

राज्य सरकार ने सामुदायिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने एवं मछुआ सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाए संचालित की जा रही है। शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने एवं आमदनी में वृद्धि होने से मछुआ समिति के सदस्यों में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल है। जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विकासखण्ड के ग्राम भोथिया में मछली पालन करने वाले छोटे व्यवसायी ने नव जागृति मछुआ सहकारी समिति का गठन कर शासन की योजनाओं का लाभ लिया और अपनी आमदनी बढ़ायी। शासकीय तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मत्स्य बीज उत्पादन और मछली पालन कर आत्मनिर्भता की ओर अनवरत आगे बढ़े । आमदनी बढ़ने से समिति के सदस्यों का आत्मविश्वास  बढ़ा है। वे अपने व्यवसाय विस्तार के लिए प्रोत्साहित हुए है।
     समिति के अध्यक्ष रामकुमार यादव ने बताया कि वे समिति के माध्यम से मछली बीज उत्पादन और मछली पालन का कार्य कर रहें है।  समिति में 22 सदस्य है। पंचायत के शासकीय तालाबों को 10 वर्षीय पट्टे पर लेकर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान मे उनके पास कुल 11.460 हेक्टेयर जलक्षेत्र के 05 तालाब है। विभागीय योजनाओं से वर्ष 2019 मे स्पान संवर्धन योजना के तहत 25 लाख मत्स्य बीज स्पान संवर्धन किया गया। समिति के सदस्यों के आपसी सामंजस्य, काम के प्रति समर्पण एवं मेहनत से लगभग 10 लाख मत्स्य बीज स्टे.फ्राई का उत्पादन किया गया। जिसमे से 2.20 लाख मत्स्य बीज को पट्टे के तालाब मे संचयन किया।  शेष 7.80 लाख मत्स्य बीज को निजी मत्स्य पालको को बिक्री की गई।  मत्स्य बीज  बेचने से उन्हें  एक लाख रूपये की आय प्राप्त हुई। पट्टे के तालाब मे सवंर्धित मत्स्य बीज से 40 क्विंटल मछली का उत्पादन हुआ। जिसे बेचने से 4 लाख रूपये प्राप्त हुआ है। इस प्रकार समिति को बहुत कम समय मे ही 05 लाख रूपयें से अधिक की आमदनी हुई । समिति के सदस्यों की आमदनी बढ़ने से वे उत्साहित है। वे मछली पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रति अभार व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि छोटे मछली व्यवसायिओं को समिति के माध्यम से बडे स्तर पर  व्यवसाय  करने के लिए सरकार की योजना के तहत प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे मछली पालन के लिए इच्छुक युवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है।

Haresh pradhan

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!