
आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय मॉक ड्रिल, 17 जनवरी को घुनघुटा बांध में होगा अभ्यास
अंबिकापुर | 16 जनवरी 2026|जिले में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने एवं आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मॉक ड्रिल अभ्यास (बाढ़ बचाव) का आयोजन किया जा रहा है। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), भारत सरकार द्वारा जारी वार्षिक कैलेंडर वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
इस क्रम में 17 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से घुनघुटा बांध, ग्राम लिबरा, तहसील दरिमा में जिला स्तरीय मॉक ड्रिल का मुख्य अभ्यास आयोजित किया जाएगा।
NDRF-SDRF सहित सभी विभागों की रहेगी सहभागिता
मॉक ड्रिल अभ्यास में एनडीआरएफ (NDRF) एवं एसडीआरएफ (SDRF) के साथ-साथ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा अन्य बचाव दल सक्रिय रूप से भाग लेंगे। इस अभ्यास के माध्यम से बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।
मॉक ड्रिल से पूर्व टेबल टॉप अभ्यास एवं समन्वय बैठक
मॉक अभ्यास से पूर्व आज जिला पंचायत सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्री सुनील कुमार नायक की अध्यक्षता में टेबल टॉप अभ्यास एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री अमृत लाल ध्रुव, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर श्री पवन जोशी, सब-इंस्पेक्टर श्री अभिजीत साहू सहित सभी संबंधित विभागों के नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मॉक ड्रिल की रूपरेखा, विभागों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
20-25 सदस्यीय NDRF टीम देगी तकनीकी सहयोग
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 03 वाहिनी एनडीआरएफ, मुण्डली (कटक, ओडिशा) से 20 से 25 सदस्यीय टीम मॉक ड्रिल के दौरान जिले में मौजूद रहेगी, जो अभ्यास के दौरान तकनीकी एवं व्यावहारिक सहयोग प्रदान करेगी।
विभागों को सौंपे गए दायित्व
अपर कलेक्टर श्री सुनील कुमार नायक ने सभी विभागों को मॉक ड्रिल के सफल आयोजन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- वन विभाग – बांस-बल्ली की व्यवस्था
- जिला सेनानी, सरगुजा – गोताखोर, प्रशिक्षित तैराक, नाव, मोटर बोट, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा जाल, रस्सी, सीढ़ी, ईंधन, एनडीआरएफ टीम के आवास एवं लॉजिस्टिक सहायता
- जल संसाधन संभाग, अंबिकापुर – शुद्ध पेयजल व्यवस्था
- जनपद पंचायत, अंबिकापुर – पंडाल, टेंट एवं माइक व्यवस्था
- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी – चिकित्सा सुविधा एवं एम्बुलेंस
- जिला शिक्षा अधिकारी एवं पी.जी. कॉलेज अंबिकापुर – एनसीसी छात्र-छात्राओं की सहभागिता
आपदा से निपटने की तैयारियों की होगी वास्तविक परीक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी आपदा की स्थिति में तेज़, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि वास्तविक आपदा के समय जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।










