
72 साल बनाम 11 साल: मोदी सरकार में भारत बना मैन्युफैक्चरिंग हब, ‘मेक इन इंडिया’ से नई उड़ान
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरा है। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और सप्लाई चेन सुधारों से देश दुनिया की ग्रोथ का इंजन बन चुका है।
नई दिल्ली / 11 फरवरी 2026 /देश की आज़ादी के बाद के 72 वर्षों की तुलना में बीते 11 वर्षों में भारत ने जिस तेज़ी से औद्योगिक विकास किया है, वह ऐतिहासिक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर वैश्विक मंच पर मजबूती से उभरा है।
आज का नया भारत चिप से लेकर डेटा तक, बीज से लेकर बाज़ार तक एक संपूर्ण और सशक्त इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के ज़रिए देश न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में भी एक मज़बूत विकल्प बन चुका है।
सप्लाई-चेन का मजबूत विकल्प बना भारत
आज भारत केवल दुनिया का बाज़ार नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे भरोसेमंद सप्लाई-चेन अल्टरनेटिव बन रहा है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, फार्मा और स्टार्टअप सेक्टर में भारत की भागीदारी तेज़ी से बढ़ी है।
पिछली सरकारों की नीतिगत कमजोरी बनी बाधा
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछली सरकारों की सुस्ती और कमजोर नीतियों के चलते भारत मैन्युफैक्चरिंग की वैश्विक दौड़ में पिछड़ गया था। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, सुधार और नीति समर्थन का अभाव साफ़ दिखाई देता था।
मोदी सरकार में बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीतिगत सुधार, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI), स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने भारत की तस्वीर बदल दी है। आज भारत गरीबों का देश नहीं, बल्कि दुनिया की ग्रोथ का इंजन बन चुका है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को पूर्ण रूप से विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जाए। मौजूदा गति और सुधारों को देखते हुए यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।









