तुर्की व सीरिया में आया भूकंप सदी की सबसे बड़ी त्रासदी : संयुक्त राष्ट्र संघ

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अंकारा: संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि दक्षिणी तुर्की और उत्तरी सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप इस क्षेत्र में सदी की सबसे बुरी घटना है।

मानवीय मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा, सोमवार को यहां जो हुआ, इस क्षेत्र में 100 वर्षों में सबसे खराब घटना थी।

ग्रिफिथ्स ने कहा, 100 से अधिक देशों ने तुर्की में आपातकालीन राहत दल भेजे हैं, लेकिन इससे अधिक की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के लिए धन जुटाने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए अपील करेगा।

उन्होंने कहा, हमारे पास तुर्की के लोगों की मानवीय सहायता के लिए अपील करने के लिए एक स्पष्ट योजना है, और हम सीरिया के लोगों के लिए भी कुछ ऐसा ही करेंगे।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने आपदा के दूसरे चरण के लिए चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, तुर्की और सीरिया में स्वास्थ्य सेवाओंे में बहुत अधिक सुधार की जरूरत है।

तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका ने शनिवार शाम को घोषणा की कि सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप से मरने वालों की संख्या तुर्की में बढ़कर 22,327 हो गई, जबकि देश में 80,278 लोगों के घायल होने की सूचना है।

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तुर्की के भूकंप प्रभावित दस प्रांतों में खोज और बचाव के प्रयास अब आपदा के छठे दिन मलबा हटाने की ओर हो गया है। हालांकि इमारतों के मलबे में बचे लोगों को खोजने की कोशिश भी जारी है। शनिवार को मलबे से निकाले गए घायलों की संख्या बहुत कम थी।

तुर्की मेडिकल एसोसिएशन ने भूकंप के बाद होने वाली संक्रामक बीमारियों के बारे में चेतावनी दी है। संस्था की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बिजली, पानी और सीवरेज जैसे बुनियादी ढांचे को नुकसान से पानी और खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

यह इन्फ्लूएंजा और कोरोनावायरस जैसे तीव्र श्वसन संक्रमणों के लिए जोखिम बढ़ाता है, साथ ही खुजली, जूं, कवक और डायरिया रोगों जैसे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने शनिवार को कहा कि विदेशी टीमों सहित कम से कम 1 लाख 60 हजार लोग खोज और बचाव प्रयास में लगे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के सभी राज्य छात्रावास भूकंप पीड़ितों के लिए आरक्षित होंगे, विश्वविद्यालय के छात्रों को गर्मियों तक दूरस्थ शिक्षा प्राप्त होगी।

तुर्की के आंतरिक मंत्री सुलेमान सोयलू ने जर्मनी और ऑस्ट्रिया की निंदा की, क्योंकि उनकी टीमों ने सुरक्षा खतरों के कारण अपने प्रयासों को रोक दिया है।