मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जे.एस.सरूता के मार्गदर्शन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. जे.एस.सरूता के मार्गदर्शन तथा पिरामल स्वास्थ्य के डॉ. अभिषेक गुप्ता एवं डॉ. फैजल रजा खान के दिशा निर्देशन में सूरजपुर जिला को टीबी मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से सघन कार्य चल रहा है । पिरामल स्वास्थ्य छत्तीसगढ़ के द्वारा आदर्श एकलव्य विद्यालय प्रतापपुर में एक कार्यशाला का आयोजन कर शाला के छात्र-छात्राओं को क्षय नियंत्रण की जानकारी दी गई । कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे प्रचार्य भूपेन्द्र तिवारी ने कहा कि क्षय रोग अब लाइलाज बिमारी नहीं है । न यह छुआछुत की बिमारी है । किसी भी व्यक्ति को दो हफ्ते की खाँसी हो तो अपना बलगम की जाँच कराये । जाँच में पाँजेटीव आने पर नियमित दवा खाये । रोगी निःसंदेह ठीक हो जायेगा । पिरामल स्वास्थ्य के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि क्षय रोग का इलाज और उपचार की सभी सुविधायें अब प्रतापपुर में उपलब्ध है पहले टीबी का जाँच माईक्रोस्कोपी से होता था पर अब प्रतापपुर में टूनाँट मशीन आ गया है । टूनाँट मशीन एक मेडिकल उपकरण है जो टीबी बैक्टीरिया आसानी से पकड़ लेता । इसके अलावा प्रतापपुर में एक्स-रे मशीन की भी सुविधा है । अस्पताल में अच्छे चिकित्सक भी है । टीबी के इलाज के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है । कार्यक्रम का संचालन पंकज राजा पटेल ने किया । पटेल के द्वारा बच्चों से प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कार्यशाला का मुल्यांकन किया गया । बच्चों ने बताया टीबी दो प्रकार की होती है पल्मोनरी और एक्ट्रापल्मोनरी टीबी , एक फेफड़े की टीबी और दुसरा फेफड़े को छोड़कर शरीर के अन्य भागों की टीबी । कार्यक्रम में शिक्षक कमलेश सोनवानी, शुभम द्विवेदी, वर्षा गुप्ता का सहयोग सराहनीय रहा । शाला का साफसफाई और स्वच्छता काबिलेतारीफ है ।

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