जेएसपी को सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड

रायपुर। उद्योगपति श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली देश की अग्रणी स्टील कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (जेएसपी) को शिक्षा एवं कौशल विकास श्रेणी में दिव्यांगजनों के लिए खास शैक्षिक कार्यक्रम आशा – द होप की पहल के लिए प्रतिष्ठित सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड – 2022 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान जेएसपी के प्रेसिडेंट एवं सीएसआर प्रमुख प्रशांत कुमार होता ने ग्रहण किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे ने सीएसआर के जरिये सामाजिक विकास के कार्यों में योगदान करने के लिए कंपनियों की सराहना की और उचित चयन प्रक्रिया के लिए निर्णायक मंडल की भी तारीफ की।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि आशा-द होप दिव्यांगजनों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए जेएसपी फाउंडेशन का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान के माध्यम से उनकी टीम समृद्ध भारत के सपने साकार करने के लिए प्रयासरत है। जेएसपी फाउंडेशन का संकल्प है कि लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने की उसकी योजनाओं का लाभ सभी पात्रों तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति उन लाभों से वंचित न रहे। सभ्यताओं के निर्माण में शिक्षा की एक महत्वपूर्ण भूमिका है और हमें दृढ़विश्वास है कि यदि हम समर्पित भाव से दिव्यांगजनों और अन्य नागरिकों के उत्थान, पुनर्वास और विशेष शिक्षा प्राप्ति में सहयोग के अपने कर्तव्यों का पालन करें तो कोई शक नहीं कि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान के प्रति सदैव तत्पर रहेंगे। श्रीमती जिन्दल ने सामाजिक विकास में जेएसपी फाउंडेशन के योगदान के लिए सीएसआर जर्नल एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान करने पर निर्णायक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि जेएसपी फाउंडेशन आशा-द होप कार्यक्रम ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में चला रहा है, जिसके तहत दिव्यांगजनों, खासकर बच्चों को चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जाती हैं। उनका आधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया ही जाता है, उन्हें बोलने-चलने एवं कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस मुहिम के माध्यम से 5000 से अधिक बच्चों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। जेएसपी को हाल में गोल्डन पीकॉक अवार्ड एवं केंद्रीय कंपनी मामलों के विभाग की ओर से दो क्षेत्रों में सेवाओं के लिए राष्ट्रीय सीएसआर अवार्ड भी प्रदान किया गया है।