2800 रु. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की घोषणा का कांग्रेस ने किया स्वागत

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा कांग्रेस की राष्ट्रीय महाअधिवेशन मंच से किसानों को आगामी खरीफ सीजन में धान की कीमत 2800 रु. प्रति क्विंटल देने की घोषणा का कांग्रेस ने स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार जो कहती है उसको पूरा करती है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों को धान की कीमत 2500 रु. प्रति क्विंटल देने का वादा किया था जिसे पूरा किया हैं। इस वर्ष प्रदेश के किसानों की धान 2640 रु. एवं 2660 रु. की दर पर खरीदी गई है। आगामी खरीफ सीजन में किसानों की धान 2800 रु. प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जायेगी। छत्तीसगढ़ के किसान देश के सबसे खुशहाल किसान हैं। भूपेश सरकार में 20 लाख किसानो की 11 हजार करोड़ का कृषि ऋण माफ हुआ है, 350 करोड़ का सिंचाई कर माफ हुआ है, 5 लाख से अधिक स्थाई पंप कनेक्शन दिए गए हैं और किसानों के बेहतरी के लिए राज्य कि सरकार योजना बनाकर काम कर रही है। बीते 4 वर्ष में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में राज्य सरकार ने डाले है।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की कथनी करनी का अंतर हमेशा से अलग रही। छत्तीसगढ़ में सरकार में रहते भाजपा ने वायदा किया कि धान का 2100 रूपये समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। 5 साल तक 300 रूपये बोनस देंगे, 5 साल नही दिया। धान का एक-एक दाना खरीदेंगे, नहीं खरीदा। 10 क्विंटल खरीद रहे थे कांग्रेस के विरोध के बाद बढ़ाया। 2014 के चुनाव के पहले मोदी ने वायदा किया था स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों लागू करेंगे लागत मूल्य का डेढ़ गूना समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे। 2022 बीत गया किसानों की आय बढ़ने के बजाये घट गयी।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में किसानों से केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने,महंगाई कम करने,किसानों की आय दुगुनी करने का वादा किया था। लेकिन 2013 में बनी रमन सिंह की सरकार और 2014 में बनी मोदी की सरकार ने  किसानों से वादाखिलाफी कर किसानों के साथ अन्याय किया। मोदी सरकार ने रासायनिक  खादों के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर , सस्ती डीजल को महंगे दामों में बेचकर मुनाफाखोरी कर  महंगाई की मार झेल रहे कर्ज से दबे हताश परेशान मजबूर देशभर के किसानों को लगातार नुकसान पहुंचाया है।