
आईएफएमआईएस की कार्यप्रणाली से डीडीओ एवं अधीनस्थ प्रशिक्षित
विदिशा। जिले के सभी कार्यालयों में एकीकृत कोषालयीन कम्प्यूटीकरण प्रणाली आईएफएमआईएस द्वारा सभी प्रकार के भुगतान की ऑनलाईन प्रक्रिया की जा रही है जो कि सुचारू रूप से संचालित है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि आईएफएमआईएस प्रक्रिया के अन्तर्गत किये गये परिवर्तन एवं प्रक्रिया की विभिन्न गतिविधियों को पुनरू समझने के लिए कलेक्टर कार्यालय के ई-दक्ष केन्द्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध में आज गुरुवार को समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी कार्यालय को उक्त प्रशिक्षण प्रदान किया जा गया है। यह प्रशिक्षण तीन मार्च को भी आयोजित किया गया है।
उल्लेखनीय है की मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने हितग्राहियों को आधार आधारित भुगतान करना प्रारंभ किया है। उक्त आधार आधारित भुगतान कोषालय के आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। प्रत्येक आहरण एवं संवितरण अधिकारी एवं कार्यालय से कम्प्यूटर कार्य करने वाले प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उक्त प्रशिक्षण के अन्तरगत बिभिन्न माड्यूल जैसे इ कुबेर, ईएसएस, पे रोल, सर्विस मेटर, आधार आधारित भुगतान फैल पेमेंट इ साइन का विस्तृत प्रशिक्षण जिला कोषालय द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण देते हुए जिला कोषालय के सिस्टम मेनेजर श्री राजेश चौबे द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक प्रायोगिक जानकारियां दी गई। उन्होंने बताया कि हितग्राहियों को किया जाने वाला भुगतान अब आधार नंबर से होगा जो स्टेट बैंक के माध्यम से शीधे आधार लिंक बैंक खाते में जमा हो जायेगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा भुगतान करते समय इ साइन का उपयोग किया जायेगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर इसके लिए ओटीपी प्राप्त होगा जिसको एंट्री करने के पश्चात् ही देयक पारित किये जा सकेंगे। इस अवसर पर वरिष्ट कोषालय अधिकारी श्री उमेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया की समस्त आहरण एवं संवितरण अधिकारी एवं कार्यालयीन स्टाफ को आईएफएमआईएस के समस्त माड्यूल एवं प्रक्रिया को अच्छे से समझ कर पालन किया जाना है।










