
भाजपा पर आरक्षण और संविधान छीनने का आरोप, अखिलेश यादव का बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने भाजपा पर संविधान द्वारा दिए गए आरक्षण की हक़मारी का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष बोले– भाजपा पीडीए विरोधी और वर्चस्ववादी सोच की पार्टी है।
भाजपा पर संविधान और आरक्षण छीनने का आरोप, अखिलेश यादव का तीखा हमला
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण को “सरेआम मारने” का गंभीर आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की मानसिकता पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज विरोधी है और सत्ता के वर्चस्व में वह आरक्षण जैसे संवैधानिक अधिकारों की खुली हक़मारी कर रही है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि भाजपा ऐसे “घोटालेबाज़ लोग” हैं जो जानबूझकर ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक और महिलाओं के अधिकारों को कमजोर करते हैं और पकड़े जाने पर दिखावटी सुधार की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच में ये सभी वर्ग दोयम दर्जे के नागरिक हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के मन में भरा भेदभाव का विष कभी पीडीए समाज के खिलाफ हिंसा, शोषण और अत्याचार के रूप में सामने आता है, तो कभी आरक्षण छीनने या सामाजिक अपमान जैसे कुत्सित प्रयासों में दिखता है।
अखिलेश यादव ने अंत में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “भाजपा जाएगी, तभी संविधान और आरक्षण बच पाएगा।” उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक लड़ाई और सामाजिक न्याय के मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है।












