छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्य

नवरात्रि का पहला दिन आज, मां शैलपुत्री की पूजा में इन चीजों को करें अर्पित, मिलेगा सुख-समृध्दि का आशीर्वाद

Shardiya Navratri 1st Day 2025: हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर पड़ने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। वहीं आज से शारदीय नवरात्रि की शुरूआत हो चुकी है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है, जो हिमालय की पुत्री हैं और मां दुर्गा का प्रथम रूप हैं। शैल का अर्थ होता है हिमालय और पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के चलते पार्वती माता को शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के प्रथम दिन घट स्थापना करना के बाद माता शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

इस दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:08 से सुबह 08:06 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 तक रहेगा।

चढ़ाएं ये चीजें

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

कहा जाता है कि, माता शैलपुत्री को सफेद रंग बहुत प्रिय है। इसलिए आज के दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। वहीं उनकी पूजा के समय माता को रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करें। इसके अलावा मां शैलपुत्री को लाल गुड़हल का फूल या कोई भी सफेद फूल पूजा में शामिल करना न भूलें।

इन मंत्रो का करें जाप

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते।।
या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

माता शैलपुत्री की आरती

शैलपुत्री मां बैल पर सवार, करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे, जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू, दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी, आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो, सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के, गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं, प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अम्बे, शिव मुख चंद्र चकोरी अम्बे।
मनोकामना पूर्ण कर दो, भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
जोर से बोलो जय माता दी, सारे बोले जय माता दी।

Ravi

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!