सीएम भूपेश ने अपने भिलाई-3 स्थित निवास में किया कन्याभोज का आयोजन

रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने अपने भिलाई तीन निवास में नवरात्रि के 9वें दिन रामनवमी के अवसर पर कन्याभोज का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कन्याओं की आरती उतारकर उनकी पूजा की, फिर उन्हें भोजन कराया। सीएम भूपेश बघेल ने ट्विटर पर फोटो साझा किया है.

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हिंदू धर्म में नवरात्रि को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा अलग-अलग रूप में आपके घर में विराजमान रहती हैं। नौ दुर्गा के नौ दिनों में देवी के दर्शन, व्रत और हवन करने के बाद कन्या पूजन का बहुत महत्व है। नवरात्रि में सप्तमी तिथि से कन्या पूजन शुरु होता है, इस दौरान लोग

रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने अपने भिलाई तीन निवास में नवरात्रि के 9वें दिन रामनवमी के अवसर पर कन्याभोज का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कन्याओं की आरती उतारकर उनकी पूजा की, फिर उन्हें भोजन कराया। सीएम भूपेश बघेल ने ट्विटर पर फोटो साझा किया है.

हिंदू धर्म में नवरात्रि को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा अलग-अलग रूप में आपके घर में विराजमान रहती हैं। नौ दुर्गा के नौ दिनों में देवी के दर्शन, व्रत और हवन करने के बाद कन्या पूजन का बहुत महत्व है। नवरात्रि में सप्तमी तिथि से कन्या पूजन शुरु होता है, इस दौरान लोग कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत करते हैं। दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर देवियों की तरह आदर सत्कार कर उन्हें कराते हैं। कहा जाता है कि इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख समृधि का वरदान देती हैं।

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नवरात्रि पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। शुभ कार्यों का फल प्राप्त करने के लिए कन्या पूजन किया जाता है। कुमारी पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज प्राप्त होता है। इससे विघ्न, भय और शत्रुओं का नाश भी होता है। होम, जप और दान से देवी इतनी प्रसन्न नहीं होतीं जितनी कन्या पूजन से। नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्त का नवरात्रि व्रत पूरा होता है। नवरात्रि में कन्याओं को मां का रुप मानकर अपनी शक्ति अनुसार उनका आदर सत्कार कर उन्हें भोज करने के बाद दक्षिणा दी जाती हैं। मां दुर्गा अपने भक्त की कन्याओं की पूजा और सत्कार से प्रसन्न हो जाती हैं।

कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत करते हैं। दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर देवियों की तरह आदर सत्कार कर उन्हें कराते हैं। कहा जाता है कि इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख समृधि का वरदान देती हैं।

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नवरात्रि पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। शुभ कार्यों का फल प्राप्त करने के लिए कन्या पूजन किया जाता है। कुमारी पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज प्राप्त होता है। इससे विघ्न, भय और शत्रुओं का नाश भी होता है। होम, जप और दान से देवी इतनी प्रसन्न नहीं होतीं जितनी कन्या पूजन से। नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्त का नवरात्रि व्रत पूरा होता है। नवरात्रि में कन्याओं को मां का रुप मानकर अपनी शक्ति अनुसार उनका आदर सत्कार कर उन्हें भोज करने के बाद दक्षिणा दी जाती हैं। मां दुर्गा अपने भक्त की कन्याओं की पूजा और सत्कार से प्रसन्न हो जाती हैं।

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