
अंबिकापुर: जिला पुरातत्व संग्रहालय में 5 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ, सरगुजा की संस्कृति और धरोहरों पर मंथन
अंबिकापुर के जिला पुरातत्व संग्रहालय सरगवां में 5 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। सरगुजा अंचल के इतिहास, संस्कृति और पुरास्थलों के संरक्षण पर विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान।
अंबिकापुर, 18 फरवरी 2026/संस्कृति विभाग अंतर्गत पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय रायपुर द्वारा आज जिला पुरातत्व संग्रहालय सरगवां, अंबिकापुर में 05 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरगुजा अंचल के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को स्थानीय इतिहास, संस्कृति और पुरास्थलों की वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

इस कार्यशाला का संचालन विवेक आचार्य एवं डॉ. प्रताप चंद पारख के नेतृत्व में किया जा रहा है। पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 14 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों को पुरास्थल परिभ्रमण कराकर प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जाएगा।
मुख्य अतिथि और विद्वानों के विचार
कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर महापौर मंजूषा भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कार्यशाला सरगुजा अंचल के पुरातत्व और संस्कृति को समझने का एक उत्कृष्ट अवसर है, जिसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर ने आयोजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए अपनी शोध यात्रा ‘सरगुजा: एक खोज’ के अनुभव साझा किए तथा सरगुजा नाम की उत्पत्ति से जुड़ी विभिन्न अवधारणाओं को प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अध्येता श्री श्रीश मिश्र एवं पीजी कॉलेज इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. ममता गर्ग ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
तकनीकी सत्रों में ऐतिहासिक विषयों पर व्याख्यान
आज आयोजित तकनीकी सत्रों में –
- श्री श्रीश मिश्र ने रामगढ़ के गुफालेखों के ऐतिहासिक महत्व,
- बोधगया विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सचिन मंदिलवार ने सरगुजा के रियासतकालीन इतिहास और पुरातत्व,
- श्री अजय कुमार चतुर्वेदी ने सरगुजा अंचल की लोक संस्कृति और उसके संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी।
90 प्रतिभागी ले रहे भाग
इस कार्यशाला में 90 प्रतिभागी तथा जिला पुरातत्व संघ सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया एवं एमसीबी जिले के 10 सदस्य सक्रिय सहभागिता कर रहे हैं।
पुस्तक भेंट एवं विमोचन
इस अवसर पर श्री श्रीश मिश्र ने अपनी कृति “संदर्भ रामगढ़” की प्रति मुख्य अतिथि एवं पुरातत्व विभाग को भेंट की। वहीं डॉ. अजय पाल सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “पर्यटन: एक समग्र अध्ययन” का विमोचन भी किया गया।












