सूरजपुर : बिना छत एवं रास्ता का एस एल आर एम सेंटर! आस पास फैल रही है दुर्गंध लोगों को जीना मुश्किल।

गोपाल सिंह विद्रोही/ प्रदेश खबर /प्रमुख छत्तीसगढ़/बगैर छत लगभग 2 वर्षों से संचालित कुंजनगर का बदहाल एस.एल.आर.एम सेंटर का कचरा सेंटर की जगह खुले मैदान में डंपकिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सूरजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंजनगर जिसकी जनसंख्या तकरीबन 4,118 एवं कुल 557 मकान है,इस ग्राम पंचायत में भारत सरकार के महत्वपूर्ण स्वच्छ भारत मिशन की दशा दयनीय तथा बदहाल व्यवस्था के तहत संचालित है। आज तकरीबन 2 वर्ष पूर्व स्वच्छ भारत मिशन को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से डैश निधि से तकरीबन डैश रूपए खर्च कर ग्राम के झारपारा में एस.एल.आर.एम सेंटर का निर्माण किया गया। निर्माण ऐसा करवाया गया कि 2 वर्ष से संचालित एस.एल.आर.एम सेंटर अपने छत के लिए मोहताज है, 2 वर्ष गुजर जाने के बाद भी आज तक एस.एल.आर.एम सेंटर में छत तक नहीं डाला गया साथ ही एस.एल.आर.एम सेंटर तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं बन पाया ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के कार्य को जमीनी स्तर पर निष्पादित किया जा रहा है।

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वही इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि एस.एल.आर.एम सेंटर निर्माण कार्य में काफी बंदरबांट किया गया है जिसकी जांच की जाए तो सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा यही वजह है कि एस.एल.आर.एमसेंटर निर्माण के नाम पर पैसा आहरण कर लिया गया परंतु 2 वर्ष गुजर जाने के बाद भी एस.एल.आर.एम सेंटर को न छत नसीब हुआ और ना ही रास्ता।

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गौरतलब है कि ग्राम पंचायत कुंजनगर के पास कचरा एकत्रित करने के लिए दो साइकिल कंटेनर उपलब्ध है, जिसमें 6 महिलाएं कचरा उठाव का कार्य प्रति दिवस डोर टू डोर करते हैं एवं सारा कचरा एस.एल.आर.एम सेंटर की जगह की खुले मैदान में डंप कर दिया जाता है जिसके जिम्मेदार सरपंच एवं सचिव मौन साधे हुए हैं ।

*संक्रमण का मंडरा रहा खतरा* ग्रामीणों से एकत्रित कचरा खुले में फेंकने की वजह से उक्त कचरे से सड़ांध की बदबू तो फैल ही रही है, जहां लोगों के साथ साथ आवारा मवेशी, कुत्तों जानवरों में भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है जो कि इस कोरोना महामारी के दौर में सोने पर सुहागा एक कहावत को पूर्ण रूप से चरितार्थ करता नजर आ रहा है।

इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव नीलिमा से बात करने पर सर्वप्रथम तो उन्होंने बताया कि कचरा उठाव का कार्य गत 2 वर्षों से किया जा रहा है परंतु जैसे ही उनसे एस.एल.आर.एमसेंटर की छत एवं सड़क की बात की गई तो उन्होंने कहा कि 1 वर्ष से एस.एल.आर.एम संचालित है बहरहाल बदहाल एस.एल.आर.एम सेंटर तक जाने के लिए स्वच्छता बहनों के लिए कोई रास्ता नहीं है।