Advertisement

मुख्यमंत्री बघेल जशपुर में सरहुल पर्व कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृतिक भवन के लिए 50 लाख रूपये देने की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री बघेल जशपुर में सरहुल पर्व कार्यक्रम में हुए शामिल

हर्षोल्लास और पारम्परिक रीति-रिवाज से मनाया गया सरहुल पूजा

समाज के पदाधिकारियों ने पारंपरिक गमछा एवं पगड़ी पहना कर तथा पारंपरिक वाद्य यंत्र भेंट कर किया स्वागत

मुख्यमंत्री ने आदिवासी संस्कृतिक भवन के लिए 50 लाख रूपये देने की घोषणा की

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जशपुर जिले के राजी पड़हा मुख्यालय दीपू बगीचा में कहा कि प्रकृति एवं धरती को सरंक्षित रखने के लिए हमने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने हम सतत प्रयत्नशील हैं। उन्होंने समाज के लोगों को अपनी प्रकृति, संास्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरहुल पूजा (खद्दी-परब) कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संास्कृतिक भवन के लिए 50 लाख रूपये, खद्दी-परब चैत पूर्णिमा के लिए 5 लाख रूपये, महामानव कार्तिक उरांव राजी पड़हा विद्यालय टिकैतगंज के लिए राशि 5 लाख रूपये अनुदान देने की घोषणा की। साथ ही राजी पड़हा के जमीन नामकरण के लिए प्रस्ताव देने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री बघेल जशपुर जिले के राजी पड़हा मुख्यालय दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल पूजा (खद्दी परब) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विधि विधान से धरती की पूजा कर प्रदेश वासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। खद्दी-परब धरती पूजा के अवसर पर समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री बघेल को पारंपरिक गमछा एवं पगड़ी पहनाकर स्वागत और पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर भी भेंट किया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अनेकता में एकता ही संस्कृति के सबसे बड़ी विशेषता है और इसको हमें आगे बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ की परंपरा एवं संस्कृति को बचाने के लिए हमारी सरकार कार्य कर रही है। इसे ध्यान रखते हुए हरेली, तीज, करमा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा, चेट्रीचंड महोत्सव के लिए शासकीय अवकाश घोषित किया गया है, जिससे संास्कृतिक धरोहरों को सहेजा जा सकें। बघेल ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांव की तस्वीर बदल रही है। शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार भत्ता योजना प्रारंभ की गई है। वनवासियों के उत्थान के लिए लघु वनोपज संग्रहण को बढ़ावा दिया जा रहा है। रागी कोदो-कुटकी को उचित मूल्य में खरीदी की जा रही है। जशपुर का काजू, चाय और कॉफी देश- दुनिया में पहुंच रहा है। जशपुर जिले की संस्कृति एवं परंपरा की अपनी अलग पहचान है। हमारी सरकार के द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य,सड़क, पेयजल और कृषि आदि के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।
जशपुर विधायक विनय भगत ने मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में जिला निरंतर विकास कर रहा है, जिले के दूरस्थ अंचल के सन्ना में कॉलेज प्रारंभ होने से ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। क्षेत्र के नागरिकों के बेहतर आवागमन की सुविधा के लिए सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण तेजी से हो रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजी देवान, राजी पड़हा बसंत कुमार भगत, संसदीय सचिव एवं कुनकुरी विधायक यू.डी. मिंज, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर डॉ रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक डी. रविशंकर, राजी पड़हा समाज के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47