न्‍याय पाने के रास्‍ते में खर्च सहित अनेक बाधाएं : राष्ट्रपति

नई दिल्ली   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समावेशी और सर्व सुलभ न्‍याय पर जोर दिया है। वे गौहाटी उच्‍च न्‍यायालय के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक समारोह में बोल रही थीं। राष्ट्रपति ने कहा कि न्‍याय पाने के रास्‍ते में खर्च सहित अनेक बाधाएं हैं। उन्‍होंने कहा कि मुफ्त कानूनी सलाह को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि न्‍याय की भाषा एक और बाधा है लेकिन इस दिशा में सराहनीय प्रगति हुई है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

उच्‍च न्‍यायपालिका ने फैसलों को अधिक से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्‍ध कराना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि न्‍याय के क्षेत्र में टेक्‍नोलॉजी की बढती भूमिका से अनेक वैसी समस्‍याएं दूर हो रही है जिन्‍होंने न्‍याय पद्धति को लम्‍बे समय तक प्रभावित किया था। श्री मुर्मु ने वकीलों और कानून के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र में तकनीकी समाधान ढूंढे ताकि निर्धनों और जरूरतमंदों को मदद मिल सके।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र इस बात का सर्वश्रेष्‍ठ उदाहरण है कि विभिन्‍न समुदाय किस तरह साथ रहते आएं हैं। उन्‍होंने कहा कि विभिन्‍न इलाकों के कानून में अंतर हो सकता है लेकिन पूरे क्षेत्र का प्रशासन एक उच्‍च न्‍यायालय द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने पूर्वोतर के लोगों की भावनाओं का सम्‍मान करते हुए क्षेत्र में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्‍व की भावना को बढाने में गौहाटी उच्‍च न्‍यायालय की सराहना की।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने महिलाओं और वृद्धों की सुरक्षा के लिए बनाये गये भोरोसा मोबाइल एप की भी शुरूआत की। समारोह में प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राष्ट्रपति मुर्मु ने दोपहर में गुवाहाटी के कोइनाधारा स्टेट गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय ध्वज के साथ आइस-एक्स बैटन सौंपकर माउंट कंचनजंगा पर्वतारोही दल को रवाना किया।