सूरजपुर कलेक्टर रणवीर शर्मा की करतूत का न्यायिक जांच की मांग करेगा मानव अधिकार सर्वेक्षण – सुरेंद्र गुप्ता

गोपाल सिंह विद्रोही छत्तीसगढ़ प्रदेश खबर प्रमुख लॉक डाउन के दौरान जिला कलेक्टर द्वारा आम जनता के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की राष्ट्रीय मानवाधिकार सर्वेक्षण के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कलेक्टर के इस कृत्य से लोगों में काफ़ी आक्रोश है। वर्तमान में कोरोना के संक्रमण से पुरा देश जूझ रहा है ऐसे मे हमारा छत्तीसगढ़ राज्य अछूता नहीं है l इससे बचने के लिए ही शासन द्वारा लॉक डाउन लगाया गया है जो कि आज तक जारी है , संक्रमण के भय से आम जनता पहले से ही भयभीत और हलाकान है ऐसे में जिला कलेक्टर द्वारा किए गए दुर्व्यहार को कभी बर्दास्त नहीं किया जाएगा l गत दिवस जिला कलेक्टर रणवीर शर्मा द्वारा युवक के मोबाइल को लेकर पटकना, चांटा मारना , फिर पुलिस से पिटवाना ये सब बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय घटना है l जिला कलेक्टर एक लोक सेवक होता है जो कानून के दायरे में रहकर जनता की सेवा करना , उसके हितों की ही लोकसेवक का परम कर्तव्य है लेकिन इसके विपरीत जिला कलेक्टर द्वारा किया गया दुर्व्यवहार उनकी मानसिकता और नियत पर सवाल खड़ा करता है l भावा वेश में आकर जिस प्रकार से कलेक्टर महोदय ने युवक का मोबाइल सड़क पर पटक दिया उस समय उन्हे इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि किसी की निजी संपत्ति या सामान को नुकसान पहुंचाने का अधिकार उनको नहीं दिया गया है l प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हे स्थानांतरित तो कर दिया है लेकिन यदि उनपर कोई और उचित कार्यवाही नहीं की गई तो राष्ट्रीय मानवाधिकार सर्वेक्षण निकट भविष्य में अपने स्तर से कानून के दायरे मे रहते हुए आगे कदम उठाने के लिए बाध्य होगा l राष्ट्रीय मानव आदि मानव अधिकार सर्वेक्षण की प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करने की मांग की है।

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