प्रबंधन ने ग्राम जोबगा में ट्यूबवेल लगाकर कराया पानी उपलब्ध परंतु ग्रामीणों ने गेट का ताला नहीं खोला

प्रबंधन ने ग्राम जोबगा में ट्यूबवेल लगाकर कराया पानी उपलब्ध परंतु ग्रामीणों ने गेट का ताला नहीं खोला

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ग्रामीणों में दो फाड़ 90 प्रतिशत ग्रामीण खदान चालू करने के पक्ष में 10 प्रतिशत बरगलाने मे लगे

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गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर – एसईसीएल द्वारा ग्राम जोबगा में ट्यूबवेल लगाने के बाद भी ग्रामीण केतकी खदान में ताला जड़े रखा है जिससे अब प्रबंधन भी सख्त रुख अपनाने मजबूर हो रहा है।
जानकारी के अनुसार एसईसीएल विश्रामपुर के भूमिगत केतकी खदान में पिछले 31 मई से ग्राम जोबगा के ग्रामीणों ने सरपंच पति एवं भाजपा नेता संत सिंह के अगवाई में नौकरी एवं मुआवजा को लेकर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है ।इस दौरान प्रबंधन एवं ग्रामीणों के बीच 4 बार कई बिंदुओं पर चर्चा कर खदान खोलने के लिए रास्ता ढूंढा गया परंतु ग्रामीणों द्वारा कोई सार्थक पहल या सही नेतृत्व करने वाला नहीं है। ग्रामीण केवल रटे हटाया एक ही बात पर अड़े है कि हमें नौकरी दी जाए परंतु ओबी एवं कोयला उत्खनन कार्य में लगी एस एम एस कंपनी ग्रामीणों के आंदोलन करने से पूर्व ही 10 ग्रामीणों को नौकरी दे चुकी है तथा ग्रामीणों को यह बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है कि खदान में तालाबंदी करने से कोई रास्ता नहीं निकलेगा । हम सब मिलकर खदान को चलने दे ,जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा ।ग्रामीणों की मांग से पूर्व जब हमने 10 लोगों की नौकरी दी है तो अन्य पर भी विचार किया जा सकता है ।ग्रामीणों की मांग पर प्रबंधन ने 2 दिन पूर्व जोबगा ग्राम के हरकटा डांड मे ट्यूबवेल लगा कर पानी उपलब्ध करा दिया है जिसका ग्रामीण उपयोग करने लगे हैं। गांव के 90 प्रतिशत ग्रामीण प्रबंधन के साथ खड़ा होता दिख रहा है सभी खदान को खोलना चाह रहे हैं परंतु 10 प्रतिशत लोग इन ग्रामीणों को बरगला कर अपना रोटी सेकने में लगे हुए है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वे एसईसीएल व ग्रामीणों के मध्य आपसी सहमति एवं सार्थक पहल कर खदान को यथाशीघ्र चालू करने हेतु पहल करें ।5 दिनों से केतकी खदान में तालाबंदी से एसईसीएल कंपनी एवं राज्य के राजस्व का करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाहर हाल आज पांचवे दिन भी ग्रामीणों ने किसकी खतरनाक ताला जड़े रखा।