परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को मिला पक्का चबूतरा और सहारा

रायपुर : परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को मिला पक्का चबूतरा और सहारा

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

छत्तीसगढ़ सरकार पुरातन काल से चली आ रही पौनी पसारी की परंपरा को सहेजने का कार्य कर रही: मुख्यमंत्री बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 53 लाख 76 हजार रूपए की लागत से नव निर्मित 02 पौनी पसारी परिसर का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को कवर्धा शहर के अंबेडकर चौक के पास 53 लाख 76 हजार रूपए की लागत से नव निर्मित 02 पौनी पसारी परिसर का लोकार्पण कर बड़ी सौगात दी। पौनी पसारी परिसर के लोकार्पण से परंपरागत व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को पक्का चबूतरा और सहारा मिल गया है। उन्होंने पौनी पसारी परिसर में ही मिलेट्स कैफे का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर सहित कन्हैया अग्रवाल, नीलकंठ चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा कलेक्टर जनमेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

मुख्यमंत्री बघेल ने परिसर का लोकार्पण करते हुए कहा कि पौनी पसारी योजना के जरिए पुराने प्रचलित पारंपरिक व्यवसायों के लिए पक्का शेड, चबूतरा आदि का निर्माण कराया गया है, ताकि पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को सुविधा हो सके और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सके। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पौनी पसारी की परंपरा पुरातन काल से चली आ रही है, जिसे सहेजने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना की शुरूआत की है। इस परिसर में बने शेड को पात्र लोगों को अस्थायी रूप से किराए पर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि पौनी पसारी योजना छत्तीसगढ़ की प्राचीन परंपरा के व्यवसायों को नवजीवन प्रदान कराने में सहायक है। इसके तहत स्थानीय परंपरागत व्यवसायों जैसे लोहे से संबधित कार्याे, मिट्टी के बर्तन, कपडे़ धुलाई, जूते चप्पल तैयार करना, लकड़ी से संबंधित कार्य, पशुओं के लिए चारा, सब्जी-भाजी उत्पादन, कपड़ों की बुनाई-सिलाई, कंबल, मूर्तियां बनाना, फूलों का व्यवसाय, पूजन सामग्री, बांस का टोकना, सूपा, केशकर्तन, दोना-पत्तल, चटाई तैयार करना तथा आभूषण एवं सौंदर्य सामग्री इत्यादि का व्यवसाय पौनी-पसारी व्यवसाय के रूप में रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
मिलेट कैफे का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कवर्धा के पौनी-पसारी परिसर में मिलेट कैफे का शुभारंभ किया। उन्होंने मिलेट कैफे में बैठकर व्यंजनों का स्वाद चखा और कैफे का संचालन करने वाले महिला समूह की सराहना की।