छत्तीसगढ़राजनीतिराज्यरायपुर

पत्रकारिता और साहित्य का उद्गम स्थल भी जीपीएम जिला

रायपुर : पत्रकारिता और साहित्य का उद्गम स्थल भी जीपीएम जिला

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब जीपीएम जिला बन गया है। इस शहर का बहुत पुराना इतिहास रहा है। यहां से 1900 में छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। पहली कहानी यहीं लिखी गई। इससे स्पष्ट है कि इस मिट्टी में पत्रकारिता और साहित्य रचे बसे हैं। यह अरपा ही नहीं, पत्रकारिता और साहित्य का उद्गम स्थल भी है। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मेरे कार्यकाल में इस जिले का निर्माण हुआ। हमारी सरकार बनने से केवल इसी क्षेत्र के लोगों की ही मांग पूरी नहीं हुई, बल्कि राज्य में इसके समेत 6 नये जिले बने। जिलों के साथ-साथ 19 नये अनुविभाग और 83 नयी तहसीलें भी बनाई गईं। हमने जो नये जिले बनाए हैं, उनमें से लगभग सभी जिले ऐसे हैं जहां पर वंचित समुदाय के लोग बहुतायत में निवास करते हैं। ये वे लोग हैं जो वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित रहे, और जिन्हें वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा थी। नये जिलों के गठन का उद्देश्य इन्हीं समुदायों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।
गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर आये थे यहां, हम यहां के पर्यटन स्थलों का कर रहे व्यापक प्रचार-प्रसार

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

यहां की आबोहवा इतनी अच्छी है कि गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर अपनी पत्नी के साथ यहां पर स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए आए थे। कितना सुंदर संयोग है कि यहां इस स्मृति महोत्सव में साहित्यकार और पत्रकार साथ ही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला संभावनाओं से भरपूर जिला है। खासतौर पर यहां पर पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।
• झोझा वाटर फॉल, राजमेरगढ़, समुदलाई कुंड, शिव घाट, लखन घाट, गंगई नेचर कैंप, चुन्हादाई, परेवापथ, आदि-शक्ति मंदिर, तारा खार वाटर फॉल, जलेश्वर महादेव जैसे दर्जनों पर्यटन स्थल हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
• हम लोगों ने इन पर्यटन स्थलों की जानकारी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सावर्जनिक जगहों पर प्रदर्शित करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार की शुरुआत की है।
हमारे राम हमारे भांचा राम हैं। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। हमारे देवी-देवताओं के मान सम्मान, उनकी प्रतिष्ठा, मर्यादा को विकृत करने का प्रयास कतिपय तत्वों द्वारा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री जी की घोषणाएं
– पेंड्रा नगर में पंडित माधव राव सप्रे प्रवेश द्वार के निर्माण की घोषणा ताकि उनकी स्मृतियां स्थाई रूप से बनी रहे।
– पत्रकारों के लिए पंडित माधव राव सप्रे पत्रकार कालोनी विकसित किये जाने भूमि चिन्हांकन और आवंटन के लिए कलेक्टर करें कार्रवाई

Haresh pradhan

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!