
प्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब जगह जगह हुआ आत्मीय स्वागत
लोगों ने विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए मीठे पेयजल कि की व्यवस्था
गोपाल सिंह विद्रोही/ बिश्रामपुर /प्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा में उमड़ पड़ी भक्तों का जनसैलाब ।लोग नाचते गाते झूमते प्रभु की विशाल रथ शोभायात्रा में शामिल हुए। भक्तगण भक्ति गीत के साथ कर्णप्रिय मादर कि थाप के बीच प्रभु के मौसी के घर आरआरटीआई स्थित दिव्य ज्ञान दायिनी मां सरस्वती मंदिर परिसर में पहुंचाया।
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रभु जगन्नाथ जी बड़े भाई बलभद्र जी, बहन सुभद्रा जी का विशाल रथ यात्रा निकली जिसमें भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा ।लोग नाचते गाते जगन्नाथ मंदिर से शोभायात्रा रथ के साथ पूरे नगर का भ्रमण किया, जहां चौक चौराहा ,घर के दरवाजे, गलियों में लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर रथ का स्वागत किया प्रभु को प्रणाम किया। रथ यात्रा में सम्मिलित होकर पुण्य का भागी बश बने। लोगों ने पितांबरी वस्त्र धारण किए भक्ति गीत की धुन पर प्रभु की मौसी घर पहुंचाया ।इस दौरान नगर पंचायत विश्रामपुर एवं एसईसीएल बिश्रामपुर ने सड़क मार्ग में जल का भरपूर छिड़काव कर नंगे पांव चलने वाले भक्तों को राहत पहुंचाने का प्रशंसनीय पुनीत कार्य किया है।
जानकारी के अनुसार प्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा को जोगुंडीचा यात्रा के रूप में भी जानी जाती है बीते 20 जून को संध्या 4 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 9:00 बजे आरटीआई स्थित भगवान जगन्नाथ जी की मौसी के घर पहुंची जहां भक्तों द्वारा नाचते गाते झूमते रथ से उतारकर मौसी के घर पहुंचाया । जहां विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण के पश्चात रथ यात्रा का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। यहां बता दें कि रथ यात्रा का यह छठवां वर्ष है । आगामी 28 जून बुधवार को बाहुड़ा यात्रा होना सुनिश्चित है । उत्कल समाज ने उक्त रथयात्रा में भक्तों कि उत्साहमयी उपस्थिति प्रार्थनीय की । रथ यात्रा निरंतर छ: वर्षों से निकलते हुए आ रहा है ,जिसमें समस्त क्षेत्रवासियों के सहयोग प्राप्त होता आ रहा है। इस वर्ष भी प्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा बड़े ही उत्साह से तैयारियां की गई थी ,जो प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी प्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा पूर्वानुसार नगर भ्रमण के साथ आरटीआई कॉलोनी स्थित दिव्य ज्ञान दायिनी मां सरस्वती मंदिर पहुंची जहां प्रभु के भक्तों ने आत्मीय स्वागत किया। इस रथयात्रा में आकर्षक देवी झांकियां निकाली गई ।उड़ीसा प्रांत से आए वाद्य यंत्र का दल नृत्य करते हुए भक्तों का मन मोह लिया। रथ यात्रा में हजारों की संख्या में कोयलांचल वासी सम्मिलित होकर पुण्य का भागी बने।










