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मैनपाट महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ: मनोज तिवारी की प्रस्तुति ने बांधा समां, संस्कृति और विकास का दिखा अद्भुत संगम

सरगुजा के पर्यटन स्थल मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी सहित कई कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक रंग बिखरा।

मैनपाट महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ: संस्कृति, संगीत और विकास का दिखा अद्भुत संगम

अंबिकापुर, 15 फरवरी 2026/ सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप आयोजित तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव 2026 का शुभारंभ भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विकास की प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ। प्रकृति की गोद में सजे इस आयोजन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, स्थानीय प्रतिभाओं और राज्य सरकार की विकासपरक सोच का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

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महोत्सव के विशेष आकर्षण के रूप में आमंत्रित सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक Manoj Tiwari ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से पूरे पंडाल को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने ओ राजा जी, रिंकिया के पापा, ऐकरे त रहल हो जैसे लोकप्रिय गीतों के साथ छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट सज रहा है गीत प्रस्तुत कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस गीत के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले को दी गई 500 करोड़ से अधिक की विकास सौगातों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की विकासपरक नीतियों की सराहना की।

उन्होंने छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया हमको आज लग रहा है गीत के माध्यम से स्थानीय संस्कृति को नमन किया। गीत-संगीत और विकास के इस संगम ने दर्शकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया और पूरा आयोजन स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।


सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही विशेष धूम

महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर कला, परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने अपनी विविध प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भव्य और यादगार बना दिया। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को अलग सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।

रिदम व्हिसल रॉक बैंड की ऊर्जावान शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ रिदम व्हिसल रॉक बैंड द्वारा लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों की जोशीली प्रस्तुति से हुआ। आधुनिक संगीत संयोजन और ऊर्जावान अंदाज़ ने शुरुआत से ही माहौल को जीवंत बना दिया।

आयुष नामदेव की भावपूर्ण गायकी

आयुष नामदेव की मधुर और सुरीली आवाज़ ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सुर, लय और भावनाओं के सुंदर समन्वय ने प्रस्तुति को विशेष बना दिया।

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ओडिसी नृत्य की गरिमा – विधि सेन गुप्ता

विधि सेन गुप्ता ने ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर शास्त्रीय नृत्य की उत्कृष्टता को मंच पर जीवंत किया। सधी हुई मुद्राएं, आकर्षक वेशभूषा और भावों की गहराई ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कथक की मनमोहक प्रस्तुति

आनंदिता तिवारी एवं रित्विका बनर्जी ने कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। पांवों की थाप, लय और गति के संतुलन ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।

‘शिव तांडव’ बना विशेष आकर्षण

आंचल पांडे द्वारा प्रस्तुत ‘शिव तांडव’ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने पूरे पंडाल को भक्ति और शक्ति से भर दिया।

गीत-संगीत से सुरमय हुआ वातावरण

अमित दास, संतोष जायसवाल एवं अश्विका दास की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मधुरता घोल दी। लोक और आधुनिक संगीत का सुंदर मेल देखने को मिला।

भोजपुरी लोक रंग – शीतल यादव

भोजपुरी गायिका शीतल यादव ने अपनी प्रभावशाली आवाज़ से लोक संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी।

छत्तीसगढ़ी लोकधुनों की गूंज – सुनील सोनी

लोकगायक सुनील सोनी की लोकधुनों पर दर्शक झूमते नजर आए। मोर छइयां भुइयां गीत पर माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।

छऊ नृत्य की रोमांचक प्रस्तुति

छऊ नृत्य ने वीरता और लोकगाथाओं का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

स्वप्नील जायसवाल की दमदार प्रस्तुति

स्थानीय कलाकार स्वप्नील जायसवाल ने अपनी सशक्त गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया। सरगुजा अंचल से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाने वाले स्वप्नील की प्रस्तुति विशेष सराही गई।


पर्यटन संवर्धन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच

मैनपाट महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन तथा पर्यटन को बढ़ावा देना है। राज्य शासन द्वारा मैनपाट क्षेत्र में अधोसंरचना विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सके।

मैनपाट महोत्सव सरगुजा की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास की नई दिशा का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

Ashish Sinha

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