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अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु संचालित योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु संचालित योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

पहुंचविहीन गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

अधिकारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितों के लिए करें कार्यः भानु प्रताप सिंह

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मनोज यादव /न्यूज रिपोर्टर/बलरामपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री भानू प्रताप सिंह की अध्यक्षता एवं कलेक्टर श्री रिमिजियुस एक्का के उपस्थिति में विगत दिवस संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष ने आयोग गठन के उद्देश्य एवं शक्तियों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के लोग निवासरत हैं, जहां उनके हितों के लिए कानून बनाए गए हैं। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, कृषि, उद्यान, मत्स्य, समाज कल्याण, श्रम, उद्योग, अंत्यावसायी, राजस्व एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित योजनाओं के संबंध में बिन्दुवार चर्चा की।
बैठक में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बलरामपुर ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए जिले में विभागवार चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभान्वित हितग्राहियों की योजनावार जानकारी दी। उन्होंने जिले में बीएससी नर्सिंग निःशुल्क योजना, वाहन चालक निःशुल्क प्रशिक्षण योजना, आदिवासी सांस्कृतिक दलों को सहायता एवं देवगुड़ी निर्माण जैसे योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। आयोग के अध्यक्ष श्री भानू प्रताप सिंह ने जिले में सांस्कृतिक दलों के चयन एवं उनके गठन में अपनाई जा रही प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिए। जिले के समस्त छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मीनू अनुसार भोजन, अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में बेड की उपलब्धता तथा अन्य समस्त आवश्यक सुविधाओ को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया । उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं तथा बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती किए गए बच्चों का कुपोषण दर तथा उसके पश्चात सुपोषण की स्थिति के बारे में विस्तृत चर्चा की। श्री सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए जिले के पहुंचविहीन गांवों में बाईक एम्बुलेंस की सेवा देने के संबंध में जानकारी लेते हुए बाइक एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऐसे गांवों का शीघ्र चिन्हांकन कर सड़क निर्माण हेतु भी प्रस्ताव कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही ऐसे इलाकों के गर्भवती महिलाओं की जानकारी लेकर उन्हें समय-समय पर सभी प्रकार के चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग से खाद, बीज की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए लघु धान्य फसल जैसे कोदो, कुटकी, रागी को बढ़ावा देने हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने को कहा। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की समीक्षा करते हुए सामरी क्षेत्र में होने वाले नाशपाती के उत्पादन एवं विक्रय के संबंध में जानकारी ली तथा जिले में नाशपाती प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की आवश्यकता बताई , ताकि किसानों को उत्पादित नाशपाती फलों का विक्रय में आसानी हो और वे अच्छा लाभ कमा सकें। उन्होंने नहर की नियमित सफाई करने और पानी का किसानों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि फसलों की अच्छी पैदावार हो।
बैठक में अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिले में दर्ज प्रकरणों की जानकारी ली गई तथा अजाक थाने में दर्ज प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए पीड़ितों और उनके आश्रितों को शासन द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाने तथा नीतिगत फैसला लेने एवं कार्यवाही करने की बात कही। अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री सिंह ने बताया कि राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों का जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल किया गया है, जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब मिसल बंदोबस्त की जरूरत नहीं पडे़गी, स्थानीय निकायों एवं ग्रामसभा का अनुमोदन मान्य होगा। उन्होंने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को शासन द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन करने एवं प्रावधानों के तहत नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। उन्होंने धारा 170 (ख) के प्रकरणों पर चर्चा करते हुए समय पर प्रतिवेदन जमा नहीं करने वाले पटवारियों को नोटिस देने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दिए। स्कूलों में चल रहे मरम्मत कार्यों के संबंध में संबंधित निर्माण एजेंसियों से जानकारी ली तथा समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने वन विभाग की समीक्षा करते हुए निर्मित गौठानों और नरवा संवर्धन की संख्यात्मक जानकारी ली तथा उनके द्वारा आकस्मिक निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन करने की बात कही। इसके अलावा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार एवं सामुदायिक वन अधिकार के प्रकरण, वन विभाग द्वारा लघु वनोपज संग्रहण के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री अमृत टोप्पो, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रेना जमील, अपर कलेक्टर एस.एस. पैकरा, सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सहित समस्त अधिकारी, समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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