
योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहा परिवर्तन – बघेल
मुख्यमंत्री ने कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय के नव निर्मित भवन और बालक-बालिका छात्रावास का किया लोकार्पण
157 करोड 13 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन
साजा के हार्टिकल्चर एवं कृषि महाविद्यालय में दो-दो स्नातकोत्तर विषय संचालित करने की घोषणा की
बेमेतरा – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिलें के विकासखण्ड साजा के ग्राम मौहाभाठा में कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय के नव निर्मित भवन और बालक-बालिका छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होनें स्व. श्रीमती कुमारी देवी चौबे के प्रतिमा का अनावरण भी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने जिलें के 157 करोड 13 लाख रुपये के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने साजा के हार्टिकल्चर कॉलेज में वेजीटेवल साइंस, फ्रूट साइंस की पीजी क्लास प्रारंभ होगी और कृषि में एंटोंमोलॉजी एवं एग्रोनोमी की पीजी कक्षा संचालित करने की घोषणा की। इस अवसर पर कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव व विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे, विधायक बेमेतरा आशीष छाबड़ा, कुलपति इंदिरागांधी कृषि विश्वविद्यालय डॉ. गिरीश चंदेल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बीते साढ़े चार साल में छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई हैैं। इन योजनाओं से किसानों के जेब में पैसा पहुंच रहा हैैं। किसानों के कर्ज माफी से लेकर राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से भी हितग्राही लाभांवित हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना के बारे में बताते हुए कहा कि अब गौठानों में रीपा स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार के और अवसर मिले हैं। रीपा की तर्ज पर नगरीय निकायों में महात्मा गांधी अर्बन इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। रीपा में उत्पादित सामग्री स्थानीय बाजार के साथ-साथ सी-मार्ट जरिए भी विक्रय हो रही हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के साथ ही अन्य खाद्यान्न, उद्यानिकी वृक्षारोपण आदि के लिए नगद राशि भी किसानों के खाते में पहुंची हैं। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर कोदो कुटकी और रागी की खरीदी की जा रही हैं। उन्होनें कहा कि पहली बार प्रदेश में 94 हजार क्विंटल मिलेट फसलों का उपार्जन किया गया हैं। गोबर खरीदी से पशुपालकों और चरवाहों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई हैं। कोई सोंच भी नहीं सकता था कि गोबर के विक्रय से लोग अपनी आर्थिक उन्नती कर सकेंगे, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह संभव हुआ हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारे पूरखों ने जो सपना देखा वो आज साकार हो रहा हैं। राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में परिवर्तन आ रहा हैं और वे आर्थिक रुप से मजबूत हो रहे हैं।
कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों का दौरा किया हैं, उनके इन्ही दीर्घ अनुभव का परिणाम हैं कि आज छत्तीसगढ़ के वातावरण परिस्थिति के अनुरुप कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं कृषक हैं और इस क्षेत्र में विकास के लिए लगातार कार्य किए हैं, जिससे कृषि के क्षेत्र में अमूलचूल परिवर्तन हुआ हैैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों के विकास के लिए समर्पित हैं। उन्होनें बजट के लगभग एक तिहाई से अधिक 01 लाख 75 हजार करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में डाला हैं। इस वर्ष 107 लाख मीट्रिकटन धान की खरीदी की हैैं। आगामी वर्ष में 136 लाख मीट्रिकटन धान की खरीदी की जाएगी। उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं वो करते हैं, इसी का परिणाम हैं कि प्रदेश में अनेक योजनाओं का लाभ किसानों और नागरिकों को मिल रहा हैं। कार्यक्रम में युवा नेता अविनाश चौबे, ब्लाक अध्यक्ष संतोष वर्मा, जनपद पंचायत साजा अध्यक्ष दिनेश वर्मा, विधायक प्रतिनिधि मनोज जायसवाल, मोहगांव सोसायटी अध्यक्ष हेमंत साहू, कलेक्टर पीएस एल्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती लीना मण्डावी, अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, एसडीएम साजा विश्वास राव मस्के सहित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।










