
महाराजा छत्रसाल की पुण्यतिथि पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराजा छत्रसाल की पुण्यतिथि पर उनके वीरता, रणनीति और मातृभूमि के लिए किए बलिदान को नमन किया।
महाराजा छत्रसाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, वीरता और बलिदान को किया नमन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान योद्धा और बुंदेलखंड के स्वाभिमान महाराजा छत्रसाल की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महाराजा छत्रसाल भारतीय इतिहास के उन वीर नायकों में से हैं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में कहा कि गुरु प्राणनाथ जी के मार्गदर्शन में महाराजा छत्रसाल ने अपनी अदम्य वीरता, चातुर्यपूर्ण रणनीति और युद्ध कौशल के बल पर मुगल साम्राज्य को परास्त किया। उन्होंने अत्याचार और विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष कर बुंदेलखंड की स्वतंत्रता की नींव रखी।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता भी थे। उन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, संस्कृति और धर्म की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महाराजा छत्रसाल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मुगलों के विरुद्ध लंबा संघर्ष किया और अपनी भूमि को विदेशी सत्ता से मुक्त कराया।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में महाराजा छत्रसाल की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इतिहासकारों का मानना है कि महाराजा छत्रसाल का संघर्ष भारतीय स्वाधीनता चेतना का प्रारंभिक स्वरूप था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार महाराजा छत्रसाल के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके जीवन से युवाओं को प्रेरित करने के लिए निरंतर कार्य करेगी।










